नई दिल्ली। नागरिकता (Citizenship) पाना हर जगह एक जैसा नहीं होता। जहां कहीं देश इन्वेस्टमेंट, रेजिडेंसी या फिर वंश के आधार पर पासपोर्ट देते हैं वहीं कुछ देश इस प्रक्रिया को काफी ज्यादा जटिल बना देते हैं। आइए जानते हैं वे कौन से देश हैं जहां की नागरिकता लेना काफी ज्यादा मुश्किल है।
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वेटिकन सिटी को दुनिया में नागरिक बनने के लिए सबसे मुश्किल जगह माना जाता है। आपको बता दें कि यहां की नागरिकता स्थायी नहीं होती और यह सिर्फ खास लोगों को ही दी जाती है। इन खास लोगों में कार्डिनल, पादरी या होली सी में काम करने वाले अधिकारी शामिल हैं। जैसे ही उनका आधिकारिक पद खत्म होता है वेटिकन की नागरिकता अपने आप ही रद्द हो जाती है।
उत्तर कोरिया दुनिया के सबसे अलग थलग देशों में से एक है। विदेशियों के लिए यहां की नागरिकता पाना लगभग नामुमकिन है। राज्य में कोई पारदर्शी नेचुरलाइजेशन प्रक्रिया नहीं है। इसी के साथ नागरिकता पर असाधारण राजनीतिक या फिर सैन्य परिस्थितियों में ही विचार किया जा सकता है।

कतर में रेजिडेंसी के लिए एक लंबा इंतजार करना पड़ता है। देश में कम से कम 25 साल तक कानूनी रूप से रहना होगा, अरबी में अच्छी पकड़ दिखानी होगी और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होने का सबूत देना होगा। सभी शर्तों को पूरा करने के बाद भी नागरिकता अपने आप ही नहीं मिलती। यह पूरी तरह से सरकार के विवेक पर निर्भर करता है।
सऊदी अरब सिर्फ काफी सख्त शर्तों के तहत ही नागरिकता देता है। इस देश की नागरिकता को पाने के लिए यहां 10 साल रहना होगा, अरबी में अच्छी पकड़ बनानी होगी और साथ ही मजबूत सांस्कृतिक जुड़ाव दिखाना होगा। कुवैत में भी सख्त कानून है।
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