लाइफस्टाइल डेस्क। रंगों के साथ मस्ती के दौरान आपकी छोटी-सी लापरवाही पार्टनर की हंसती खेलती जिंदगी में भंग न डाल दे। वर्षों से होली (Holi) के दिन केमिकल रंगों की मस्ती तमाम लोगों को इतनी भारी पड़ी कि उनमें स्किन इन्फेक्शन, आंखों में जलन, जीभ पर छाले और अन्य गंभीर बीमारियों ने अपनी चपेट में ले लिया।
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होली भले ही रंगों से खेलने के लिए पर्व है, लेकिन तेज धूप में केमिकल वाले रंगों से त्योहार न मनाए। करना केमिकल रंग लगने से शरीर पर लाल चकत्ते, खुजली, छोटे- छोटे दाने और अन्य परेशानी हो सकती है। शरीर पर लेंटिजिनीज होने से रंग पीला पड़ जाता है और त्वचा की सतह चमड़े जैसी खुरदरी हो जाती है।
देखने में आता है कि केमिकल लगाने से बालों की जड़ें कमजोर हो जाती हैं और इनके टूटने का खतरा बढ़ जाता है, जो व्यक्ति की सुंदरता को और खराब करता है। बचाव के लिए बालों में नारियल का तेल लगा लें। साथ ही सिर को टोपी या किसी कपड़े से कवर कर रखें।

होली पर रंग लगाने से पहले चश्मा लगा लें। कुछ समय बाद आंखों को पानी से साफ करते रहिए। तुरंत राहत के लिए आई लुब्रिकेंट या टियर ड्राप की दो-दो बूंद दिन में तीन-चार बार डालें। आंखों में कोई भी दिक्कत होने पर सबसे पहले डाक्टर से परामर्श जरूर लें।
यदि आपको केमिकल या पक्के रंगों से खेलने का शौक है तो कोशिश करें कि इस बार पक्के रंग न लगाएं। बचाव के लिए सबसे पहले बाड़ी पर सनस्क्रीन लगाएं। मोइस्चराइजर का उपयोग करें, ताकि त्वचा पर धूप की पैराबैंगनी किरणें का असर न पड़े। मोइस्चराइजर का प्रयोग दिन में कम से कम दो-तीन बार करें।
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