नई दिल्ली। चुनाव आयोग की कड़ी मेहनत के पीछे BLO का हाथ होता है। स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौर में इसी BLO पर सबसे ज्यादा जिम्मेदारी है। चलिए जानते हैं कि क्या SIR जैसी अतिरिक्त जिम्मेदारी के लिए अलग वेतन मिलता है, या यह सिर्फ नाम की मेहनत है?
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BLO वह कर्मचारी है जो हर वोटर की पहचान करता है, फॉर्म सत्यापित करता है और तय करता है कि कौन उस बूथ का वॉटर है या नहीं। इस जिम्मेदारी का पैमाना इतना बड़ा है कि एक BLO के पास लगभग 950 से 1000 वोटर लिस्ट का काम होता है। देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कुल 5.32 लाख BLO इस काम में जुटे हुए हैं।

BLO का काम सिर्फ लिस्ट भरना या फॉर्म चेक करना नहीं है। उन्हें हर रिकॉर्ड की सटीकता सुनिश्चित करनी होती है, किसी भी गलती या चूक का असर पूरे चुनाव की पारदर्शिता पर पड़ सकता है। यही वजह है कि कई BLO काम के तनाव, दबाव और जिम्मेदारी के कारण चर्चा में आते हैं, कभी-कभी नौकरी छोड़ने या तनाव जैसी खबरों के कारण।
अब सवाल यह उठता है कि इस मेहनत का मेहनताना कितना है। BLO को चुनाव आयोग की ओर से वार्षिक मानदेय के रूप में 12,000 रुपये मिलते हैं। यह पहले 6,000 रुपये था, जिसे अब दोगुना किया गया है लेकिन SIR जैसी अतिरिक्त जिम्मेदारी के लिए उन्हें अलग प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है। रिपोर्ट्स के अनुसार, SIR के लिए प्रत्येक BLO को 2,000 से 6,000 रुपये तक का अतिरिक्त इंसेंटिव मिलता है। ERos, AEROs, BLO सुपरवाइजर और BLOs मिलकर यह सुनिश्चित करते हैं कि हर वोटर की पहचान सही और पारदर्शी हो।
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