कोलकाता। कोलकाता (Kolkata) के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (RG Kar Medical College) में बलात्कार और हत्या की शिकार हुई महिला डॉक्टर (Doctors) के लिए न्याय की मांग लगातार तेज होती जा रही है। न्याय के लिए सरकारी अस्पतालों (hospitals) में आंदोलनरत जूनियर डॉक्टरों (Doctors) ने रविवार को लगातार दसवें दिन भी काम बंद रखा, जिससे पूरे पश्चिम बंगाल में स्वास्थ्य सेवाएं (health services) ठप रहीं।
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शनिवार को दिल्ली के एम्स (AIIMS) की ओपीडी (OPD) में 202 मरीज ही आए जबकि सामान्य तौर पर यहां 10 हजार से ज्यादा मरीज आते हैं। वहीं इस दौरान एम्स (AIIMS) व इसके सेंटर पर केवल 240 मरीजों को भर्ती किया गया। छोटी-बड़ी 66 सर्जरी ही हो पाईं। एम्स की तरह ही दूसरे अस्पतालों (hospitals) का हाल रहा। इनमें भी ओपीडी के साथ सर्जरी व भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या काफी कम रही।

हालांकि रविवार को सरकारी अस्पतालों (hospitals) में ओपीडी (OPD) बंद रहती है, इसलिए भीड़ कम है। जबकि वरिष्ठ डॉक्टर आपातकालीन विभाग में मरीजों का इलाज करने के लिए मौजूद थे। बता दें कि महिला ट्रेनी डॉक्टर (Doctors) का शव 9 अगस्त को अस्पताल (hospitals) के सेमिनार हॉल में मिला था। अपराध में कथित संलिप्तता के लिए अगले दिन एक नागरिक स्वयंसेवक को गिरफ्तार किया गया था। संदेह जताया जा रहा है कि इसमें कई और लोग शामिल हैं।
जूनियर डॉक्टर मांग (Justice for Kolkata doctor) कर रहे हैं कि दोषियों को जल्द से जल्द सजा दी जाए और पीड़िता की पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। कलकत्ता (Kolkata) उच्च न्यायालय ने 13 अगस्त को मामले की जांच कोलकाता (Kolkata) पुलिस से सीबीआई को सौंपने का आदेश दिया, जिसने 14 अगस्त को अपनी जांच शुरू कर दी।
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