सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थनगर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां मामूली विवाद ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया और अब इस पूरे मामले में पुलिस की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। जिले के त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र के हरिबंधपुर गांव में बीते 6 मार्च को बकरी (Goat) चराने को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया।
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आरोप है कि गांव के दबंगों ने एक महिला और उसके परिवार पर लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हमला कर दिया, जिसमें महिला गंभीर रूप से घायल हो गई जबकि उसके बच्चों समेत परिवार के अन्य सदस्य भी चोटिल हुए। पीड़ित परिवार का आरोप है कि जब वे न्याय की गुहार लेकर थाने पहुंचे, तो पुलिस ने कार्रवाई करने के बजाय उल्टा उन्हीं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया।पीड़ित पति ने त्रिलोकपुर थाना प्रभारी चन्द्रकान्त पांडे पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं।

पीड़ित का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट आने के बावजूद थाना प्रभारी ने रिपोर्ट देने से इनकार कर दिया और शिकायत करने पर धमकी देकर थाने से भगा दिया गया।साथ ही आरोप है कि आरोपी पक्ष खुलेआम घूम रहा है और परिवार को गांव छोड़ने की धमकियां दे रहा है। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया है कि थाना प्रभारी सजातीय होने के चलते आरोपियों का साथ दे रहे हैं; जिसकी वजह से उन्हें न्याय नहीं मिल पा रहा है।
हालांकि इस मामले पर जब पुलिस के आला अधिकारियों से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने कैमरे के सामने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया और जांच की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया। अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर पीड़ित परिवार को न्याय कब मिलेगा?
(रिपोर्ट- दीप यादव, सिद्धार्थनगर)
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