सिद्धार्थनगर। Siddharthnagar जिले के जोगिया विकास खंड की खेतवल मिश्र गौशाला से गौवंश संरक्षण की शर्मनाक तस्वीरों का वीडियो वायरल हुआ है। गौशाला की ये तस्वीरें न सिर्फ दिल दहला देने वाली हैं, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था की घोर विफलता और लापरवाही का जीवंत सबूत भी हैं।
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खेतवल मिश्र गौशाला इस कदर बदहाल है कि यहां के मुख्य गेट पर ताला लटका रहता है। अंदर भूख-प्यास से तड़पते बेसहारा गौवंश हैं। इतना ही नहीं दो गौवंश अर्धमृत अवस्था में मिले जिनकी आंखें फूटीं और शरीर पर सड़ते जख्म थे। मौके पर न तो कोई कर्मचारी, न चौकीदार और न ही जिम्मेदार अधिकारी ही दिखे। यानी जिन बेसहारा गायों की सुरक्षा और देखभाल के लिए यह गौशाला बनाई गई, वे अंदर बंद होकर तड़प रही थीं।

स्पष्ट है कि गौशाला में इन गायों को कई दिनों से न चारा मिला था, न पानी और न ही कोई पशु चिकित्सा सुविधा। गौशाला के नाम पर बना यह परिसर दरअसल मौत का बाड़ा बन चुका है। डीएम शिवशरणप्पा जी.एन. ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच और इलाज के आदेश दिए हैं। भले ही दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के संकेत मिले हों लेकिन गौवंश संरक्षण की जवाबदेही पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गौवंश संरक्षण को लेकर सख्त नीति और स्पष्ट निर्देशों के लिए जाने जाते हैं। निराश्रित गोवंश के संरक्षण के लिए विशेष योजनाएं लागू की गईं लेकिन खेतवल मिश्र की यह गौशाला बताती है कि मुख्यमंत्री के आदेश यहां सिर्फ फाइलों तक सीमित रह गए, जबकि जमीनी स्तर पर उनकी खुलेआम अनदेखी हो रही है। इस पूरे मामले में BDO की भूमिका को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
(रिपोर्ट- दीप यादव, सिद्धार्थनगर)
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