सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ आम जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए विकास की योजनाएं बनाती है जिससे आमजन को सहूलियत हो और पारदर्शिता के साथ उसे धरातल पर उतारने का प्रयास भी करती है लेकिन निचले स्तर के जिम्मेदार योजनाओं में भ्रष्टाचार का तड़का लगाने के साथ ही जनता के लिए परेशानियां भी खड़ी कर देते हैं।
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ऐसा ही मामला जनपद सिद्धार्थनगर (Siddharthnagar) के सदर तहसील से सामने आया है; जहां धौरीकुईंया से लेकर महादेवा तक कुल 7 किमी पीडब्ल्यूडी की सड़क के जारी चौड़ीकरण कार्य में ठेकेदार और विभागीय जिम्मेदारों ने स्थानीय किसानों की खेत में खड़ी फसल को विधि विरुद्ध दबंगई के बल पर रौंद कर रख दिया।

इसी को लेकर किसान और विभागीय जिम्मेदारों के साथ ठेकेदार आमने-सामने आ गए। मामले में पहले ही किसानों के साथ हो रहे ज्यादती की खबर को मीडिया द्वारा प्रमुखता से प्रसारित कर चुका है जिसको लेकर अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड सिद्धार्थनगर कमल किशोर द्वारा पत्र जारी कर ठेकेदार को खेत से मिट्टी उठाने को मना किया गया। इसके बावजूद ठेकेदार की मनमानी के चलते किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।
आरोप है कि सड़क चौड़ीकरण के दौरान किसानों के खेत में लगी तैयार फसल को मशीन द्वारा रौंद दिया गया। स्थानीय किसानों ने इस कार्यवाही को अनुचित बताते हुए विरोध किया है, जिसके बाद विभागीय अधिकारी और ठेकेदार के साथ टकराव की स्थिति बन गई है। यह घटना स्थानीय स्तर पर किसानों द्वारा अपने खेत और फसल की सुरक्षा को लेकर चिंता का कारण बनी है।
(रिपोर्ट- दीप यादव, सिद्धार्थनगर)
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