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Friday, April 4, 2025

चंद्रयान-1 मिशन के निदेशक रहे श्रीनिवास हेगड़े का निधन

बेंगलुरु। पहले चंद्र मिशन ‘चंद्रयान-1’ (Chandrayaan 1) के निदेशक श्रीनिवास हेगड़े (Srinivas Hegde) का शुक्रवार को यहां निधन हो गया। 71 वर्षीय हेगड़े ने एक निजी अस्पताल (private hospital) में अंतिम सांस ली। वह पिछले लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उनका एक निजी अस्पताल (private hospital) में इलाज चल रहा था।

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उनके परिवार में पत्नी और दो बेटे हैं। श्रीनिवास हेगड़े (Srinivas Hegde) ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के साथ तीन दशकों (1978 से 2014) तक काम किया। हेगड़े (Srinivas Hegde) अंतरिक्ष एजेंसी के कई ऐतिहासिक मिशनों में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इनमें सबसे उल्लेखनीय 2008 में लॉन्च किया गया चंद्रयान-1 (Chandrayaan 1) था। यह भारत का पहला चंद्र मिशन था। इस मिशन ने चंद्रमा पर पानी के अणुओं की अभूतपूर्व खोज की थी। सेवानिवृत्ति के बाद वह बेंगलुरु (Bengaluru) स्थित स्टार्ट-अप टीम इंडस से जुड़े रहे।

गौरतलब है कि हेगड़े (Srinivas Hegde) ने 1978 से 2014 तक इसरो में काम किया था। इसके अलावा यूआर राव सैटेलाइट सेंटर (URSC) के सदस्य रहते हुए उन्होंने कई अंतरिक्ष मिशन में सक्रिय भूमिका निभाई थी। वैसे, जिस चंद्रयान मिशन 1 (Chandrayaan 1) की वजह से हेगड़े (Srinivas Hegde) चर्चा में आए थे, वह काफी सफल रहा था। भारत ने इसी मिशन के जरिए चांद पर पानी की खोज की थी।

इसके बाद चंद्रयान 2 और चंद्रयान 3 भी लॉन्च किए गए। चंद्रयान 3 ने चांद के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग करके इतिहास रच दिया था। हेगड़े (Srinivas Hegde) के निधन पर पूर्व वैज्ञानिक और URSC के निदेशक एम अन्नादुरई ने श्रीनिवासुदुख जताया है। उन्होंने कहा है कि 1982 में जब वह इसरो (ISRO) से जुड़े थे, तब हेगड़े उनके बॉस थे, उन्होंने कई महत्वपूर्ण मिशन में काफी मदद की थी।

Tag: #nextindiatimes #ISRO #Chandrayaan1

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