एंटरटेनमेंट डेस्क। हर साल Oscar अवॉर्ड्स फिल्म इंडस्ट्री का सबसे बड़ा जश्न होते हैं। यहां दुनिया के सबसे बेहतरीन कलाकार, निर्देशक और फिल्ममेकर अपनी प्रतिभा के लिए सम्मानित होते हैं। 98वें ऑस्कर अवॉर्ड्स में इस बार भी फिल्म प्रेमियों को जबरदस्त रोमांच देखने को मिला। खैर आइए जानते हैं कि क्या ऑस्कर विजेता अपनी ट्रॉफी बेच भी सकता है?
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ऑस्कर की ऑफिशियल ट्रॉफी का नाम अकादमी अवॉर्ड ऑफ मेरिट है। यह 13.5 इंच ऊंची और 3.8 किलो वजनी होती है। ब्रॉन्ज की बनी यह ट्रॉफी गोल्ड प्लेटेड होती है। हर विजेता के लिए यह सिर्फ एक पुरस्कार नहीं बल्कि फिल्म इंडस्ट्री में उनकी सफलता और कड़ी मेहनत का प्रतीक होती है।

1951 के बाद से अकादमी ऑफ मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंसेज ने एक सख्त नियम लागू किया है। इसके अनुसार कोई भी विजेता अपनी ऑस्कर ट्रॉफी को सीधे बेच नहीं सकता है। अगर विजेता या उनके परिवार वाले इसे बेचना चाहें तो पहले ट्रॉफी को अकादमी को सिर्फ 1 डॉलर में वापस ऑफर करना होगा। यह नियम इसलिए बनाया गया ताकि ऑस्कर की गरिमा बनी रहे और यह किसी व्यावसायिक वस्तु की तरह न बिके। 1951 के बाद से दिए गए सभी ऑस्कर अवॉर्ड्स आम बाजार में सीधे नहीं बिक सकते हैं।
पुराने पुरस्कारों को नीलामी में बेचा जा सकता था और कुछ ने इसे बहुत ऊंची कीमत में खरीदा भी था। माइकल जैक्सन ने 1999 में डेविड ओ. सेल्जनिक की फिल्म गॉन विद द विंड (1939) का ऑस्कर लगभग 15 लाख डॉलर में खरीदा। सिटीजन केन (1942) के ऑस्कर को 2011 में 861,542 डॉलर में बेचा गया। अन्य बिक्री में बेट्टे डेविस और क्लार्क गैबल की ट्रॉफीज भी उच्च कीमतों पर नीलामी में गईं।
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