नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने 15 मार्च 2026 को प्रेस कॉन्फ्रेंस में पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में Assembly Elections की तारीखें सार्वजनिक कर दी हैं। इसी क्रम में यह जान लेते हैं कि क्या एक आम आदमी भी विधानसभा का चुनाव लड़ सकता है और इसके लिए कितना रुपया खर्चा होता है?
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विधानसभा चुनाव (MLA) लड़ने के लिए सबसे पहली शर्त यह है कि आपकी उम्र कम से कम 25 वर्ष होनी चाहिए। इसके साथ ही उम्मीदवार का नाम भारत के किसी भी निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में दर्ज होना अनिवार्य है। उम्मीदवार का भारत का नागरिक होना और किसी लाभ के पद पर न होना भी जरूरी है। अगर कोई व्यक्ति पागल घोषित किया गया है या किसी अदालत द्वारा सजायाफ्ता है (2 साल से अधिक की सजा) तो वह चुनाव नहीं लड़ सकता है।

चुनाव लड़ने के लिए निर्वाचन आयोग के पास कुछ सिक्योरिटी जमा करनी होती है। सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए यह राशि 10,000 रुपये तय की गई है। अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के उम्मीदवारों के लिए इसमें रियायत दी गई है, जिन्हें केवल 5,000 रुपये जमा करने होते हैं। यह पैसा नामांकन पत्र दाखिल करते समय ट्रेजरी चालान या नकद के रूप में जमा किया जा सकता है।
जमानत राशि तो महज कुछ हजार है, लेकिन चुनाव प्रचार पर होने वाले खर्च की अपनी एक सीमा है।निर्वाचन आयोग के मौजूदा नियमों के अनुसार, बड़े राज्यों (जैसे उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार) में एक उम्मीदवार विधानसभा चुनाव में अधिकतम 40 लाख रुपये तक खर्च कर सकता है। छोटे राज्यों (जैसे गोवा, मणिपुर) के लिए यह सीमा 28 लाख रुपये तय की गई है।
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