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Saturday, March 28, 2026

क्या केंद्र की योजनाओं को लागू करने से रोक सकती है राज्य सरकार, पढ़ें क्या हैं नियम

नई दिल्ली। केंद्र सरकार समय-समय पर देश में नई योजनाएं (Central Schemes) लागू करती रहती है लेकिन राज्य सरकार अपने इलाके में केंद्र की योजनाओं को लागू करने में देरी या उनमें बदलाव, या फिर उन्हें पूरी तरह से रोकने के लिए भी कदम उठा सकती है। लेकिन सवाल यह उठता है कि आखिर राज्य सरकार को यह शक्ति कैसे मिलती है और क्या है इसके लिए नियम?

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केंद्र की योजनाओं में केंद्र और राज्य दोनों फंडिंग में हिस्सा लेते हैं। यह फंडिंग 60:40 के अनुपात में होती है। हालांकि इन्हें लागू करने का काम ज्यादातर राज्य सरकार की मशीनरी ही संभालती है। इससे राज्यों को काफी ताकत मिल जाती है। वे लागू करने में देरी कर सकते हैं, ब्रांडिंग बदल सकते हैं या इसमें हिस्सा लेने से मना भी कर सकते हैं।

संविधान के अनुच्छेद 256 और 257 के तहत राज्यों से यह उम्मीद की जाती है कि वे केंद्र के कानूनों का पालन सुनिश्चित करें लेकिन अनुच्छेद 282 उन्हें अनुदान स्वीकार करने में अपनी समझ का इस्तेमाल करने की भी छूट देता है। अदालतें आमतौर पर राज्यों को योजनाओं को लागू करने के लिए मजबूर करने से बचती हैं।

आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल में किसानों को आर्थिक मदद देने के मकसद से शुरू की गई पीएम किसान सम्मान निधि योजना को राज्य में लागू करने में काफी देरी का सामना करना पड़ा है। लाभार्थियों के डेटा के सत्यापन और प्रशासनिक तालमेल को लेकर हुए विवादों की वजह से इसे लागू करने की प्रक्रिया धीमी हो गई है। MGNREGA को लागू करने पर भी असर पड़ा है। केंद्र ने कथित अनियमितताओं और नियमों के उल्लंघन को वजह बताकर इसकी फंडिंग रोक दी है।

Tag: #nextindiatimes #CentralSchemes #WestBengal

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