डेस्क। लोकसभा चुनाव (Lok Sabha election) के परिणाम अब रुझानों के जरिए स्पष्ट होने लगे हैं। भाजपा नीत एनडीए (NDA) गठबंधन ने इस चुनाव (election) में जितनी बड़ी जीत के बारे में सोचा था, वह होता नजर नहीं आ रहा है। भाजपा 2019 के अपने चुनाव परिणाम (election result) को दोहराने में भी नाकामयाब नजर आ रही है।
यह भी पढ़ें-अमेठी से हार रहीं स्मृति ईरानी, काम कर गई प्रियंका गांधी की ये रणनीति
एनडीए (NDA) गठबंधन की अभी तक 290 के करीब सीट पर बढ़त दिख रही है। इस बार भाजपा (BJP) ने दक्षिण के राज्यों में अपनी सेंध लगाई है। वहीं उत्तर और उत्तर पूर्व के राज्यों में भाजपा और एनडीए (NDA) गठबंधन के अन्य दलों पर जनता ने उतना विश्वास नहीं दिखाया। जितना 2019 के चुनाव (election) में जनता ने दिखाया था। भाजपा (BJP) को कई हिंदी भाषी राज्यों में मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है।

इसके साथ दक्षिण के राज्य कर्नाटक में जहां भाजपा (BJP) मजबूत स्थिति में थी, वहां भी उसे नुकसान होता नजर आ रहा है। जिन राज्यों में भाजपा नीत एनडीए (NDA) को नुकसान हो रहा है, उसमें उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, हरियाणा जैसे राज्य शामिल हैं। इस सबमें सबसे ज्यादा झटका भाजपा को यूपी में लगता हुआ नजर आ रहा है। यहां की 80 सीटों में भाजपा ने 2014 में 71 और 2019 में 62 सीटें जीती थी लेकिन इस बार भाजपा (BJP) यहां 33 सीटों पर आगे चल रही है। जबकि भाजपा ने यहां 75 सीटों पर चुनाव लड़ा था।
अब तक के नतीजों में एनडीए (NDA) की सरकार बनती दिख रही है, मगर भाजपा (BJP) अपने दम पर बहुमत से अब भी दूर है। 400 पार का नारा देने वाली (BJP) भाजपा के लिए ये नतीजे किसी झटके से कम नहीं हैं। अब तक लोकसभा चुनाव (Lok Sabha election) के जो रुझान आए हैं, उसमें देश में फिर से मोदी सरकार के आसार नजर आ रहे हैं, मगर फाइट काफी क्लोज है।
Tag: #nextindiatimes #NDA #election #BJP