देहरादून। बाबा केदारनाथ (Baba Kedarnath) ने शीतकालीन प्रवास स्थल से अपने धाम की ओर प्रस्थान कर लिया है। श्री ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ (Ukhimath) से आज सेना के बैंड की स्वर लहरियों और हजारों श्रद्धालुओं के उपस्थिति में बाबा केदारनाथ (Baba Kedarnath) की पंचमुखी विग्रह मूर्ति की देव डोली ने गुप्तकाशी (Guptkashi) के लिए प्रस्थान किया।
यह भी पढ़ें-ज्ञानवापी मामले में बड़ा फैसला, मिली पूजा-पाठ की अनुमति
बाबा केदारनाथ (Baba Kedarnath) के कपाट 10 मई को सुबह 7 बजे आम श्रद्धालुओं के लिए खुलने जा रहे हैं। केदारनाथ धाम के प्रति पिछले कुछ सालों में श्रद्धालुओं की आस्था बेहद बढ़ गई है। बता दें, स्थानीय शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर से भगवान केदारनाथ (Baba Kedarnath) की पंचमुखी विग्रह मूर्ति की देव डोली प्रथम पड़ाव के लिए सोमवार यानी 6 मई की सुबह गुप्तकाशी (Guptkashi) के लिए प्रस्थान हुई।

वहीं द्वादश ज्योतिर्लिंगों में अग्रणी भगवान केदारनाथ (Baba Kedarnath) की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली विद्वान आचार्यों की वेद ऋचाओं, हजारों श्रद्धालुओं की जयकारों, महिलाओं के मंगल गीतों व आर्मी की बैंड धुनों के साथ कैलाश (Kailash) के लिए रवाना हुई। डोली प्रथम रात्रि प्रवास के लिए विश्वनाथ मन्दिर गुप्तकाशी (Guptkashi) पहुंचेगी।
7 मई को विश्वनाथ मन्दिर गुप्तकाशी भगवान केदारनाथ (Baba Kedarnath) की चल विग्रह उत्सव डोली रवाना की जाएगी। जो नारायणकोटि, नाला, पर भक्तों को आशीर्वाद देते हुए द्वितीय रात्रि प्रवास के लिए फाटा पहुंचेगी। जिसके बाद 10 मई को श्रद्धालुओं के लिए सुबह 7 बजे भगवान केदारनाथ (Baba Kedarnath) के कपाट खोल दिए जाएंगे।
Tag: #nextindiatimes #BabaKedarnath #Guptkashi