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Monday, March 30, 2026

ईरान में गिरा परमाणु बम तो किन-किन देशों तक पहुंच सकता है रेडिएशन, भारत को कितना खतरा

डेस्क। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव ने दुनिया को एक ऐसे मोड़ पर खड़ा कर दिया है, जहां परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की चर्चा होने लगी है। अगर ईरान और इजरायल के बीच जंग खतरनाक स्तर पर पहुंचती है और Iran की धरती पर परमाणु धमाका होता है तो सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि किन-किन देशों तक रेडिएशन पहुंच सकता है?

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बता दें ईरान के मुख्य परमाणु ठिकानों से भारत की पश्चिमी सीमा की दूरी लगभग 2000 से 2500 किलोमीटर के बीच है। किसी भी परमाणु विस्फोट के बाद निकलने वाले सबसे खतरनाक और भारी रेडियोधर्मी कण धमाके वाली जगह से कुछ सौ किलोमीटर के दायरे में ही जमीन पर गिर जाते हैं। इतनी लंबी दूरी तय करते समय रेडिएशन का असर काफी हद तक कम हो जाता है। इसलिए, तकनीकी रूप से भारत में तत्काल एक्यूट रेडिएशन सिकनेस यानी विकिरण से होने वाली गंभीर बीमारी का सीधा खतरा कम नजर आता है।

ईरान में अगर कोई परमाणु घटना होती है, तो सबसे ज्यादा तबाही उसके पड़ोसी देशों में देखने को मिलेगी। ईरान के 500 से 1000 किलोमीटर के दायरे में आने वाले इराक, तुर्की, आर्मेनिया, अजरबैजान, तुर्कमेनिस्तान, अफगानिस्तान और पाकिस्तान जैसे देशों को बेहद घातक रेडिएशन का सामना करना पड़ेगा। इन देशों में रेडियोधर्मी धूल (फॉलआउट) सीधे तौर पर लोगों की सेहत और पर्यावरण को बर्बाद कर सकती है।

ईरान के दक्षिण में स्थित खाड़ी देश जैसे सऊदी अरब, कुवैत, बहरीन, कतर और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) भी इस खतरे की चपेट में हैं। अगर ईरान के बुशहर जैसे तटीय परमाणु बिजली संयंत्रों को निशाना बनाया गया तो रेडियोएक्टिव रिसाव सीधे फारस की खाड़ी और अरब सागर के पानी को जहरीला बना सकता है।

Tag: #nextindiatimes #Iran #NuclearBomb

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