33 C
Lucknow
Wednesday, March 25, 2026

अब तक इन राज्यों में लागू हो चुका UCC कानून, इस जगह के नियम हैं बेहद सख्त

नई दिल्ली। भारत में समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर दशकों से चली आ रही बहस अब धरातल पर उतरने लगी है। उत्तराखंड के बाद अब गुजरात देश का दूसरा ऐसा राज्य बन गया है, जिसने अपने यहां इस ऐतिहासिक विधेयक को पारित कर दिया है। यह कानून केवल विवाह या संपत्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के हर वर्ग को एक समान कानूनी पायदान पर खड़ा करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

यह भी पढ़ें-जनगणना में मांगी जाती है ये डिटेल, जानें कितना लगता है समय

गुजरात का यह यूसीसी कानून राज्य की भौगोलिक सीमाओं के भीतर रहने वाले नागरिकों पर तो लागू होगा ही, साथ ही यह उन गुजरातियों पर भी प्रभावी होगा जो वर्तमान में राज्य से बाहर रह रहे हैं। संविधान की गरिमा और विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखने के लिए इस कानून से अनुसूचित जनजातियों (ST) को बाहर रखा गया है। उनके पारंपरिक और संवैधानिक अधिकारों में कोई हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा।

गुजरात और उत्तराखंड दोनों के यूसीसी मॉडल में संपत्ति के अधिकारों पर विशेष जोर दिया गया है। गुजरात के नए कानून के मुताबिक यदि किसी व्यक्ति की मृत्यु बिना वसीयत किए हो जाती है, तो उसकी संपत्ति पर उसके माता-पिता, पति या पत्नी और बच्चों का बराबर हक होगा। पहले के कई व्यक्तिगत कानूनों में बेटियों या माता-पिता के हक को लेकर असमानताएं थीं, जिन्हें अब खत्म कर दिया गया है।

लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर गुजरात सरकार ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। नए नियमों के तहत अब लिव-इन में रहने वाले जोड़ों को अपना पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। यदि पार्टनर की उम्र 21 वर्ष से कम है, तो इस बात की जानकारी उनके अभिभावकों को देना जरूरी कर दिया गया है। पंजीकरण की यह प्रक्रिया 30 दिनों के भीतर पूरी करनी होगी।

Tag: #nextindiatimes #UCC #Gujrat

RELATED ARTICLE

close button