डेस्क। सिगरेट का आविष्कार कई सदियों पहले हुआ था. लेकिन यह एकदम से नहीं बनी बल्कि धीरे-धीरे डेवलप हुई। इसकी जड़ें सेंट्रल अमेरिका की पुरानी सभ्यताओं से काफी पहले की हैं। इन्हें अलग-अलग कल्चर और टेक्नोलॉजी में हुए इनोवेशन ने शेप दिया। आइए जानते हैं क्या है इसका इतिहास।
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तंबाकू का सबसे पहला इस्तेमाल आज के मेक्सिको और सेंट्रल अमेरिका में माया सभ्यता के बीच 9वीं सदी में हुआ था। ऐसा माना जाता है कि माया लोग तंबाकू को खोखले सरकंडों में भरकर या पौधों की पत्तियों में लपेटकर पीते थे। जब यूरोपियन एक्सप्लोरर अमेरिका पहुंचे तो उन्होंने देखा कि वहां के आदिवासी समुदाय अलग-अलग तरह से तंबाकू का इस्तेमाल कर रहे थे। यह आदत जल्द ही यूरोप में फैल गई। यहां इसे इस्तेमाल करने के नए तरीकों में डेवलप किया जाने लगा।

16वीं सदी में स्पेन ने मॉडर्न सिगरेट (Cigarettes) को बनाने में बड़ा रोल निभाया। सेविल में ऐसा कहा जाता है कि भिखारी सिगार के बचे हुए टुकड़े इकट्ठा करते थे, बचे हुए तंबाकू को काटते थे और उसे कागज के टुकड़ों में लपेट देते थे। इन छोटे रोल को सिगारिलोस कहा जाता था। इसका स्पेनिश में मतलब होता था छोटा सिगार। सिगार का यह आसान और कम लागत वाला विकल्प धीरे-धीरे पॉपुलर हुआ। यहीं से आज के सिगरेट के रूप में नींव रखी गई।
1830 के दशक तक स्मोकिंग का ट्रेंड फ्रांस तक पहुंच गया था। यहीं पर सिगरेट शब्द का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होने लगा। 1845 में फ्रांस की सरकार ने कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू किया। इससे प्रोडक्ट को ज्यादा स्टैंडर्ड और मार्केटिंग पहचान मिली। फ्रांस से यह आदत पूरे यूरोप में फैली।
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