एंटरटेनमेंट डेस्क। मात्र तीन साल उम्र थी जब एक गायक ने तबला सीखना शुरू कर दिया था। गायक को संगीत का हुनर उनके माता-पिता से मिला था जो खुद भी गायिकी में अव्वल थे। जिस उम्र में बच्चे खिलौनों से खेलते हैं, उस उम्र में एक गायक का पूरा मन संगीत में ही लगा हुआ था। अपने 20s में आते-आते इस गायक ने म्यूजिक इंडस्ट्री पर कब्जा कर लिया।
यह भी पढ़ें-मोटी कहकर निकाली गईं थी सोनाक्षी सिन्हा, फिल्मों से ज्यादा इसलिए चर्चा में रहीं एक्ट्रेस
यह गायक कोई और नहीं बल्कि हमेशा सोने से लदे रहने वाले अलोकेश अपरेश लहरी उर्फ Bappi Lahiri हैं जिन्हें भारत में ‘डिस्को किंग’ कहा जाता है। बप्पी लहरी की पर्सनैलिटी जितनी अलग थी, उनके गाने भी एकदम अलग थे। 70 के दशक के आखिर में वह डिस्को सॉन्ग्स की लहर लेकर आए और 80 व 90 के दशक तक उन्होंने इंडस्ट्री में अपने पैर जमा लिए।

लता मंगेशकर की सलाह के बाद ही बप्पी लहरी को समता प्रसाद के पास संगीत की तालीम लेने के लिए भेजा गया था। रिश्ते में किशोर कुमार के भांजे बप्पी लहरी ने 19 की उम्र में संगीत की दुनिया में कदम रखा और एक के बाद एक कई गाने गाए। साल 1982 में ‘डिस्को डांसर’ में गाया बप्पी का गाना ‘आई एम अ डिस्को डांसर’ दुनिया भर में छा गया था।
80 के दशक में डिस्को सॉन्ग्स से लाखों-करोड़ों दिलों पर जादू चलाने वाले बप्पी लहरी ने गानों को न केवल अपनी आवाज दी, बल्कि हजारों गानों को कंपोज भी किया। जैसे उनके सोने चमकते, वैसा ही उनका करियर भी चमका और 180 गानों का रिकॉर्ड भी बनाया। साल 1986 में 33 फिल्मों के लिए 180 गाने बनाने के लिए बप्पी लहरी का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में शामिल है।
Tag: #nextindiatimes #BappiLahiri #Entertainment




