नई दिल्ली। लेटेस्ट हेनले पासपोर्ट इंडेक्स के मुताबिक ग्लोबल पासपोर्ट रैंकिंग में भारत की बढ़ोतरी हुई है। भारतीय पासपोर्ट 10 पोजीशन चढ़कर दुनिया भर में 75वें स्थान पर पहुंच गया है। यह ग्लोबल मोबिलिटी रैंकिंग में एक मजबूत तुलनात्मक स्थिति को दिखाता है। हालांकि रैंकिंग में सुधार होने के बावजूद भारतीय यात्रियों ने दो देशों में वीजा फ्री या वीजा ऑन अराइवल एक्सेस खो दिया है।
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भारत की स्थिति पिछले साल से 10 स्थान ऊपर है। यह सुधार ग्लोबल पासपोर्ट के बीच बेहतर स्थिति को दिखाता है। हालांकि भारत के लिए वीजा फ्रेंडली डेस्टिनेशन की कुल संख्या काफी जरूरी बनी हुई है लेकिन रैंकिंग इस बात पर निर्भर करती है कि इसी समय में दूसरे देश कैसा परफॉर्म करते हैं।

पासपोर्ट रैंकिंग मुख्य रूप से हेनले पासपोर्ट इंडेक्स (Henley Passport Index) द्वारा निर्धारित की जाती है, जो इस बात पर आधारित है कि किसी देश के नागरिक कितने देशों में बिना वीजा, वीजा ऑन अराइवल, या इलेक्ट्रॉनिक यात्रा प्राधिकरण (eTA) के साथ यात्रा कर सकते हैं। यह रैंकिंग अंतर्राष्ट्रीय हवाई परिवहन संघ (IATA) के डेटा का उपयोग करती है।
पासपोर्ट रैंकिंग में देखे जाने वाले मुख्य पहलू:
वीजा-मुक्त पहुंच (Visa-Free Access): पासपोर्ट धारक बिना पूर्व वीजा के कितने देशों की यात्रा कर सकते हैं।
वीजा ऑन अराइवल (Visa on Arrival): गंतव्य पर पहुंचने पर वीजा प्राप्त करने की सुविधा।
ई-वीजा/ईटीए (e-Visa/eTA): इलेक्ट्रॉनिक वीजा या यात्रा प्राधिकरण की उपलब्धता।
द्विपक्षीय समझौते (Bilateral Agreements): देशों के बीच राजनयिक संबंध और आपसी वीजा व्यवस्था।
वैश्विक गतिशीलता स्कोर (Mobility Score): कुल वीज़ा-मुक्त और वीज़ा-ऑन-अराइवल गंतव्यों का योग, जो यह बताता है कि पासपोर्ट कितना शक्तिशाली है।
यह रैंकिंग हर महीने अपडेट होती है और इसे दुनिया में यात्रा की स्वतंत्रता का मानक माना जाता है।
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