सिद्धार्थनगर। जिले में सपा नेता इंजीनियर रामफेर उर्फ अंशु यादव को बीएलओ से बातचीत करना भारी पड़ गया। दरअसल एसआईआर (SIR) नोटिस वितरण को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक टकराव का रूप ले चुका है। ग्रामीणों की शिकायत समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव रामफेर उर्फ अंशू यादव तक पहुंची जिसके बाद पूरा विवाद शुरू हुआ।
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ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित बीएलओ द्वारा नोटिस समय पर वितरित नहीं किए गए, जिससे कई लोग प्रक्रिया को लेकर असमंजस में रहे। महतिनिया खुर्द में ग्रामीणों को सही नोटिस न देने पर सपा नेता ने बीएलओ को फोन किया था। उन्होंने संबंधित बीएलओ सुदामा यादव को फोन कर नोटिस तत्काल वितरित करने को कहा। रामफेर यादव का कहना है कि उन्होंने केवल ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत बात की थी, ताकि कोई पात्र व्यक्ति नोटिस से वंचित न रह जाए।

इसी बीच भारतीय जनता पार्टी से जुड़े नेता व ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि लवकुश ओझा का नाम सामने आया। सोशल मीडिया पर वायरल एक कथित ऑडियो में दोनों नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक सुनाई दे रही है। हालांकि, इस ऑडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
रामफेर यादव का आरोप है कि उन्हें फोन पर अभद्र भाषा का प्रयोग कर धमकाया गया। उनका कहना है कि उन्होंने केवल ग्रामीणों की समस्या उठाई थी और इसे लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विपरीत बताया है। आरोप है कि नोटिस वितरण की बात से नाराज़ होकर भद्दी गालियां दी गईं। भाजपा नेता पर दलित-पिछड़ों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का भी आरोप। फिलहाल कथित ऑडियो वायरल होने से जिले की राजनीति में बवाल मचा हुआ है।
(रिपोर्ट- दीप यादव, सिद्धार्थनगर)
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