20 C
Lucknow
Friday, January 30, 2026

इतिहास का वो बजट जब नहीं बना था हलवा, टूटी थी 52 साल पुरानी परंपरा

नई दिल्ली। देश का आम Budget 2026 आने वाला है और इस बार यह 1 फरवरी को रविवार के दिन संसद में पेश किया जाएगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार का यह अहम बजट पेश करेंगी। बजट से जुड़ी तैयारियां अंतिम दौर में हैं और इससे जुड़ी परंपराएं भी चर्चा में हैं।

यह भी पढ़ें-कौन तैयार करता है देश का बजट, यहां समझें इसकी पूरी प्रकिया

इन्हीं में से एक है हलवा सेरेमनी जो आम तौर पर बजट से ठीक पहले होती है लेकिन एक साल ऐसा भी रहा है, जब इस हलवा सेरेमनी की परंपरा टूट गई थी। हलवा सेरेमनी दरअसल बजट प्रक्रिया का एक प्रतीकात्मक लेकिन बेहद अहम हिस्सा है। जब बजट का मसौदा पूरी तरह तैयार हो जाता है और उसकी छपाई शुरू होने वाली होती है, तब वित्त मंत्रालय के नॉर्थ ब्लॉक में यह रस्म निभाई जाती है। बड़ी कढ़ाही में हलवा बनाया जाता है और वित्त मंत्री खुद अधिकारियों व कर्मचारियों को हलवा परोसती हैं।

साल 2022 ऐसा पहला मौका था, जब बजट से पहले हलवा सेरेमनी नहीं हुई। यह फैसला किसी प्रशासनिक लापरवाही या परंपरा से दूरी की वजह से नहीं, बल्कि देश में फैली गंभीर स्वास्थ्य संकट की स्थिति के कारण लिया गया था। उस वक्त भारत कोरोना महामारी की तीसरी लहर से जूझ रहा था और संक्रमण तेजी से फैल रहा था।

कोरोना की तीसरी लहर के दौरान सरकार ने भीड़भाड़ से बचने और संक्रमण रोकने के लिए कई सख्त कदम उठाए थे। वित्त मंत्रालय ने भी इसी को ध्यान में रखते हुए हलवा सेरेमनी रद्द करने का फैसला किया था। नॉर्थ ब्लॉक में अधिकारियों और कर्मचारियों को एक जगह इकट्ठा करना उस समय सुरक्षित नहीं माना गया। इसलिए 2022 में यह रस्म नहीं निभाई गई।

Tag: #nextinditimes #Budget2026 #NirmalaSitharaman

RELATED ARTICLE

close button