डेस्क। हाल ही में Greenland अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कारण जमकर सुर्खियों में रहा है। ग्रीनलैंड एक ऐसा देश है, जो पूरा साल बर्फ की चादर से ढका रहता है। इसी बीच आइए जानते हैं कि आखिर जिस एरिया का ज्यादातर हिस्सा बर्फ से ढंका है तो उसका नाम ग्रीनलैंड क्यों है?
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ग्रीनलैंड का नाम एरिक द रेड नामक वाइकिंग्स योद्धा ने रखा था। आइसलैंड में हत्या के आरोप से भागते हुए एरिक नई जगह की तलाश में निकले और बर्फ से घिरे इस विशाल द्वीप पर पहुंचे। यहां का इलाका पूरी तरह बर्फ से ढका हुआ था, लेकिन एरिक ने इस जगह का नाम ग्रीनलैंड रख दिया। उन्होंने यह चालाकी इसलिए की ताकि यूरोप के लोग सोचें कि यह हरी-भरी, रहने योग्य और समृद्ध भूमि है। उनका मकसद था कि लोग आएं और वहां बस्तियां बसाएं।

एरिक की इस रणनीति के कारण लोग ग्रीनलैंड में आने लगे। दक्षिण-पश्चिम तट पर छोटी बस्तियां विकसित हुईं, जहां खेती और यूरोप के साथ व्यापार का सिलसिला शुरू हुआ। ग्रीनलैंड का कुल क्षेत्रफल लगभग 21.6 लाख वर्ग किलोमीटर है। इसमें से करीब 80 फीसदी हिस्सा बर्फ की मोटी चादर से ढका हुआ है। यहां की आबादी करीब 85 हजार के आसपास है।
ग्रीनलैंड पर डेनमॉर्क का अधिकार है। हालांकि पहले नॉर्वे भी इस पर अधिकार जमाता था, क्योंकि उसका तर्क था कि नार्वे के एरिक दि रेड ने ही इस क्षेत्र को ग्रीनलैंड का नाम दिया था लेकिन अंतरराष्ट्रीय न्यायालय कोपेनहेग में डेनमॉर्क ने इस संबंध में केस जीतकर ग्रीनलैंड को अपने कब्जे में ले लिया। हाल के 30 वर्षों में ग्रीनलैंड में जलवायु परिवर्तन के कारण बर्फ पिघल रही है और कई हिस्सों में हरियाली बढ़ रही है।
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