नई दिल्ली। भारत और यूरोपीयन यूनियन के बीच मुक्त व्यापार समझौता (FTA) पर हस्ताक्षर हो चुकें हैं। दोनों पक्ष 2007 से इस पर बातचीत कर रहे हैं। वहीं, अब 18 साल बाद ये कोशिश कामयाब हो गई है। इससे भारत में यूरोपीयन यूनियन से आने वाले कई सामान सस्ते हो सकते हैं।
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भारत-यूरोपीयन यूनियन FTA की घोषणा करते हुए पीएम मोदी ने इसे ‘मदर ऑफ ऑल डील’ कहा है। India-EU डील के तहत यूरोपीय संघ के केमिकल्स पर लगभग सभी उत्पादों के लिए टैरिफ खत्म किए जाएंगे। मेडिकल और सर्जिकल उपकरणों के 90% उत्पादों पर भी अब कोई टैक्स नहीं लगेगा। सबसे बड़ा बदलाव आम उपभोक्ताओं के लिए होगा क्योंकि यूरोपीय शराब (Wine), बीयर, स्पिरिट और जैतून के तेल (Olive Oil) पर लगने वाले भारी भरकम शुल्क में भारी कटौती की गई है।

साथ ही यूरोपीय संघ अगले दो वर्षों में भारत को कार्बन उत्सर्जन कम करने और औद्योगिक परिवर्तन के लिए 500 मिलियन यूरो की सहायता राशि प्रदान करेगा। यह समझौता 2032 तक यूरोपीय निर्यात को दोगुना करने का लक्ष्य रखता है और वित्तीय एवं समुद्री सेवाओं में यूरोपीय कंपनियों को विशेष पहुंच प्रदान करता है।
मर्सिडीज, BMW और पॉर्श जैसी लग्जरी कारों की कीमतों में कमी आएगी। 15000 यूरो (16.3 लाख रुपये) से अधिक मूल्य वाली की कारों पर सिर्फ 40 प्रतिशत टैरिफ लगेगा। विमान, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, केमिकल्स, आधुनिक चिकित्सा उपकरण और मेटल स्क्रैप भी सस्ते हो सकते हैं। भारतीय बाजार में यूरोप से आने वाली शराब की कीमतें घट सकती हैं। आईटी, इंजीनियर, टेलीकॉम और बिजनेस जैसे सर्विस सेक्टर में भारतीयों को मौके मिलेंगे।
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