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Sunday, February 22, 2026

सिद्धार्थनगर: गरीबों के निवाले पर ‘डाका’, शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार मौन

सिद्धार्थनगर। Siddharthnagar में एक बार फिर सरकारी राशन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। गरीबों के हक का राशन खुलेआम कालाबाज़ारी की भेंट चढ़ रहा है और शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार आंख मूंदे बैठे हैं। ताज़ा मामला तहसील बांसी अंतर्गत खेसरहा ब्लॉक की ग्राम पंचायत बनकेगांव का है, जहां ग्रामीणों ने कोटेदार पर राशन कटौती और कालाबाजारी के गंभीर आरोप लगाए हैं।

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ग्रामीणों का कहना है कि कोटेदार हर महीने कार्ड धारकों को पूरा राशन नहीं देती।जब कार्ड धारक विरोध करते हैं तो उन्हें धमकाया जाता है और कहा जाता है-“साहब को पैसा देना पड़ता है, जो मिल रहा है ले लो, वरना वो भी नहीं मिलेगा।” ग्रामीणों ने यह भी बताया कि पहले यह राशन दुकान कोटेदार के पति समीउल्लाह के नाम थी, जिसे कालाबाजारी की शिकायतों के बाद निरस्त कर दिया गया था।

बाद में वही दुकान पत्नी के नाम से दोबारा आवंटित कर दी गई और अब फिर से वही खेल दोहराया जा रहा है।मामले को लेकर ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी बांसी को शपथ-पत्र और महजरनामा सौंपा। 23 दिसंबर 2025 को जांच अधिकारी गांव पहुंचे और ग्रामीणों के बयान भी दर्ज किए गए लेकिन हैरानी की बात यह है कि अब तक न तो कोटेदार की दुकान निरस्त हुई और न ही कोई एफआईआर दर्ज की गई।

ग्राम प्रधान मोहब्बत अली ने बताया कि, “कोटेदार मनमानी कर रही है, पूरा राशन नहीं देती। शिकायत करने पर धमकाती है।” कार्डधारकों का आरोप है कि कोटेदार पहले एक कांटे से तौल दिखाती है और फिर दूसरे कांटे से कम राशन देती है। विरोध करने पर राशन बंद करने की धमकी दी जाती है।” मामले पर जिला पूर्ति अधिकारी, देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि, “गांव में खुली बैठक कराई जाएगी, जांच में दोष सिद्ध होने पर कोटेदार का कोटा तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाएगा।”

(रिपोर्ट- दीप यादव, सिद्धार्थनगर)

Tag: #nextindiatimes #Siddharthnagar #rationsystem

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