पटना। लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने बिहार चुनाव में हार के बाद सभी को हैरान कर दिया है। उन्होंने अपना परिवार और राजनीति छोड़ने का ऐलान किया है। रोहिणी ने इस दौरान Sanjay Yadav पर आरोप लगाए हैं। अब सवाल यह उठता है कि आखिर संजय यादव कौन हैं; जिनके ऊपर रोहिणी ने गंभीर आरोप मढ़े हैं?
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संजय यादव हरियाणा के महेंद्रगढ़ के रहने वाले हैं और तेजस्वी यादव के सबसे भरोसेमंद रणनीतिकारों में गिने जाते हैं। उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी मजबूत है। उन्होंने कंप्यूटर साइंस में एम.एससी. और इसके बाद एमबीए किया है। प्रबंधन, डाटा विश्लेषण और रणनीति बनाने में उनकी पकड़ बेहद मजबूत बताई जाती है।
राजनीति में आने से पहले वे एक प्राइवेट कंपनी में काम करते थे, लेकिन तेजस्वी से जुड़ने के बाद उनकी भूमिका पूरी तरह राजनीतिक रणनीति के इर्द-गिर्द केंद्रित हो गई। हरीयनवी लहजे वाले संजय की पकड़ बिहार की राजनीति में आज किसी वरिष्ठ नेता से कम नहीं है। 2024 में राजद ने उन्हें राज्यसभा भी भेजा, जिससे यह साफ हो गया कि उनकी हैसियत संगठन के शीर्ष स्तर पर है।

2024 में राज्यसभा भेजे जाने के बाद उनकी स्थिति और मजबूत हो गई। यह पद पार्टी में उनके महत्व का संकेत है। राजद की युवा कोर टीम, सोशल मीडिया सेल, चुनाव प्रबंधन और संसदीय रणनीतियों में संजय की भूमिका बेहद प्रभावशाली है। उन्हें पर्दे के पीछे से पार्टी चलाने वाले सबसे प्रभावशाली व्यक्तियों में गिना जाता है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, सीट-शेयरिंग से लेकर उम्मीदवार चयन तक संजय की सलाह को प्राथमिकता दी गई। कई मानते हैं कि कई टिकटें उनके सुझाव पर बदली या रोकी गईं, जिससे आंतरिक नाराजगी भी बढ़ी।
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