लखनऊ। लखनऊ की डॉक्टर शाहीन शाहिद (Shaheen Shahid) की गिरफ्तारी ने पूरे देश को चौंका दिया है। फरीदाबाद में भारी मात्रा में विस्फोटक मिलने और दिल्ली धमाके से जुड़ी जांच में उनका नाम सामने आया है। तलाक के बाद हरियाणा में रह रही यह प्रोफेसर अब जैश-ए-मोहम्मद मॉड्यूल से जुड़ाव के आरोप में घिरी हैं।
यह भी पढ़ें-जानें कब-कब दहल चुकी है दिल्ली, उस वक्त कितना हुआ था नुकसान?
मेडिकल पृष्ठभूमि से आने वाली यह महिला डॉक्टर अब आतंक के एक बड़े नेटवर्क की कथित सदस्य के रूप में जांच एजेंसियों के रडार पर हैं। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से मिली जानकारी के मुताबिक डॉ. शाहीन ने प्रयागराज के मेडिकल कॉलेज से जनवरी 2003 में एमबीबीएस और दिसंबर 2005 में एमडी किया। इसके बाद लोक सेवा चयन आयोग से उसका चयन हुआ। अगस्त वर्ष 2006 में जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के फार्माकोलॉजी विभाग में प्रवक्ता के पद पर ज्वाइन किया।

वर्ष 2009-10 में कन्नौज मेडिकल कॉलेज तबादला हो गया लेकिन छह महीने के बाद वापस जीएसवीएम आ गई। वर्ष 2013 में वह बिना सूचना के नौकरी छोड़कर चली गई। कॉलेज की ओर से बार-बार भेजे गए नोटिसों का उसने कोई जवाब नहीं दिया। उसके खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो गई। पति नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. हयात जफर पीएमएस के डॉक्टर हैं लेकिन वर्ष 2015 में तलाक लेकर दोनों अलग हो गए।
तलाक के बाद शाहीन हरियाणा के फरीदाबाद में अकेले रहने लगीं। जांच अधिकारियों का कहना है कि संभवत इसी दौरान वे कट्टरपंथी नेटवर्क के संपर्क में आईं। प्रारंभिक सूचना यह भी बताती है कि सोशल मीडिया के माध्यम से उनकी बातचीत कुछ ऐसे समूहों से हुई जो धर्म के नाम पर युवाओं को बरगला रहे थे। धीरे-धीरे शाहीन इन विचारधाराओं के प्रभाव में आईं और कथित रूप से आतंक मॉड्यूल से जुड़ गईं।
Tag: #nextindiatimes #ShaheenShahid #Lucknow #DelhiBlast




