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Saturday, January 24, 2026

मतदाता स्याही का है दिलचस्प चुनावी कनेक्शन, पढ़ें कहां बनती है यह स्याही

डेस्क। वोट डालने के बाद बाएं हाथ की तर्जनी उंगली पर लगी स्याही (ink) के साथ सेल्फी आपने भी जरूर ली होगी। भारत में जब भी चुनाव होते हैं, तो हर वोटर की पहचान एक छोटी सी स्याही की लाइन से होती है। यह कोई साधारण निशान नही बल्कि लोकतंत्र की ईमानदारी का सबूत है।

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बाएं हाथ की तर्जनी पर लगाई जाने वाली यह स्याही दुनिया के सामने भारत की चुनावी पारदर्शिता की पहचान बन चुकी है। इसे कहा जाता है अमिट स्याही या Indelible Ink, यानी ऐसी स्याही जो चाहे जितना रगड़ो, पानी या केमिकल से धो डालो, फिर भी मिटे नहीं। शुरू में यह बैंगनी रंग की दिखती है लेकिन कुछ घंटों बाद धीरे-धीरे काली पड़ जाती है।

भारत में इस खास स्याही का उत्पादन केवल दो जगहों पर होता है- मैसूर पेंट्स एंड वार्निश लिमिटेड, कर्नाटक और दूसरा है- रायुडू लेबोरेटरी, हैदराबाद, तेलंगाना। इनमें से मैसूर पेंट्स एंड वार्निश लिमिटेड की स्याही का इस्तेमाल भारत के हर चुनाव में किया जाता है। वहीं रायुडू लेबोरेटरी की स्याही विदेशों में भेजी जाती है। यह वही भारतीय स्याही है, जो लगभग 90 देशों में चुनावों का हिस्सा बन चुकी है।

इस स्याही की खासियत इसके केमिकल कंपोजिशन में है। इसमें 10 से 18 प्रतिशत तक सिल्वर नाइट्रेट होता है। जब यह स्याही उंगली पर लगाई जाती है, तो हमारे शरीर की त्वचा में मौजूद नमक के साथ यह प्रतिक्रिया करती है और सिल्वर क्लोराइड बना देती है। सिल्वर क्लोराइड की सबसे खास बात यह है कि यह पानी में घुलता नहीं है। यही वजह है कि यह त्वचा की ऊपरी परत से मजबूती से चिपक जाता है। यह कम से कम 72 घंटे तक टिका रहता है।

Tag: #nextindiatimes #IndelibleInk #BiharElection2025

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