डेस्क। उत्तराखंड (Uttarakhand) के जंगलों (forest) में धधक रही आग के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। वन विभाग की टीम ने 5 लोगों को रंगे हाथ दबोचा है। इनमें से एक आरोपी नेपाली मूल का मजदूर है। उधर उत्तराखंड (Uttarakhand) के जंगलों (forest) में भड़की आग (fire) दूसरे दिन भी धधकती रही। वायु सेना के हेलीकॉप्टर की मदद से आग बुझाने का काम जारी है।
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फ़िलहाल कई स्थानों पर लगी आग (fire) पर काबू पा लिया गया है। दरअसल गढ़वाल के खिर्सू में जंगल (forest) में आग लगाने की कोशिश करते पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया। भूमि संरक्षण वन प्रभाग लैंसडौन के जयहरीखाल रेंज अधिकारी बीडी जोशी ने बताया कि रविवार को वनकर्मी कुल्हाड़ के नापखेतों में लगी आग बुझाने के बाद वापस लौट रहे थे।

इस दौरान एक व्यक्ति कुल्हाड़ मोड़ के समीप सड़क किनारे जंगल में आग लगा रहा था। वनकर्मियों (forest workers) ने उसे आग लगाते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। उसके हाथ में गैस लाइटर भी था। जबकि घटनास्थल से कुछ दूरी पर ही उसके तीन अन्य साथी पाइपलाइन बिछाने का कार्य कर रहे थे। कोतवाल लैंसडौन मोहम्मद अकरम ने बताया कि जंगल (forest) में आग लगाने के आरोपी नेपाली मजदूर टेकराम के खिलाफ वन अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले में जल्द ही अग्रिम कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
उधर वन अधिकारियों (forest officials) ने बताया कि प्रदेश में हल्द्वानी, नैनीताल और चंपावत वन प्रभागों के जंगलों समेत प्रदेश के विभिन्न वन (forest) क्षेत्रों में भड़की आग को बुझाने के प्रयास युद्धस्तर पर किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनमें 60 प्रतिशत से ज्यादा जगहों पर आग बुझाई जा चुकी है, जबकि बाकी स्थानों पर आग बुझाने के प्रयास जारी हैं। वर्मा ने कहा कि प्रदेश में वनाग्नि की स्थिति नियंत्रण में है।
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