उत्‍तरकाशी: गंगोत्री हाईवे पर हुए भूस्‍खलन में BRO के कर्मचारियों-मजदूरों ने भागकर बचाई जान..

गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग (Gangotri National Highwa) पर सुनगर व हेल्गू के पास भूस्खलन के कारण राजमार्ग अवरुद्ध है। अवरुद्ध मार्ग को सुचारू करने के दौरान पहाड़ी से भारी भूस्खलन हुआ । मौके पर मौजूद बीआरओ के कर्मचारियों और मजदूरों ने भागकर जान बचाई। इसी स्थान पर गत बुधवार को पूरे दिन गंगोत्री राजमार्ग अवरुद्ध रहा।

उत्तरकाशी। गंगोत्री हाईवे पर सुनगर व हेल्गू के पास भूस्खलन से राजमार्ग अवरुद्ध है। अवरुद्ध मार्ग को सुचारू करने के दौरान पहाड़ी से भारी भूस्खलन हुआ। देखें वीडियो…

हाईवे बाधित होने से हो रही परेशानी

बता दें कि गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुनगर के पास भारी भूस्खलन होने से राजमार्ग गुरुवार को भी बाधित है। जबकि यमुनोत्री राजमार्ग बुधवार को धरासू बैंड के पास पांच घंटे तक अवरुद्ध रहा। गंगोत्री राजमार्ग के बाधित होने तीर्थ यात्रियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा।

  • तीर्थयात्रियों को सुनगर, गंगनानी व हेल्गू गाड़ में खाने पीने का जरूरी सामान भी उपलब्ध नहीं हो पाया।
  • जिसको लेकर तीर्थयात्रियों ने जमकर आक्रोश व्यक्त किया।
  • करीब 14 घंटे बाद राजमार्ग को सीमा सड़क संगठन ने सुचारू किया।

मंगलवार से बाधित है गंगोत्री हाईवे

गंगोत्री राजमार्ग पर हेल्गू गाड़ और सुनगर के बीच मंगलवार की रात को भूस्खलन हुआ। जिससे राजमार्ग अवरुद्ध हुआ। गंगोत्री से उत्तरकाशी की ओर लौटने वाले तीर्थ यात्रियों और गंगोत्री धाम जाने वाले तीर्थयात्रियों की लंबी लाइन लगी रही।

  • जो तीर्थयात्री उत्तरकाशी को फंसे वह तो जरूरी वस्तुओं को खरीदने के लिए भटवाड़ी आए। लेकिन, जो तीर्थयात्री सुनगर और गंगनानी की ओर फंसे उन्हें बुधवार दिन भर खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
  • तीर्थयात्रियों को भोजन भी उपलब्ध नहीं हो पाया तथा तीर्थयात्रियों के साथ जो बच्चे थे उन्हें भी दूध आदि सामग्री नहीं मिल पायी।

मलबे को हटाने की प्रक्रिया बेहद धीमी

स्थानीय निवासी राजेश रावत ने बताया कि बुधवार की सुबह एक गर्भवती महिला को उन्होंने भूस्खलन जोन पार करवाया। लेकिन, भूस्खलन के मलबे को हटाने की प्रक्रिया बेहद ही धीमी गति से चली। जिसके कारण तीर्थयात्रियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा।

उन्होंने बताया कि प्रशासन की ओर से कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। मलबा हटाने के दौरान बीआरओ की एक मशीन में तकनीकी खामी भी आई। जिससे अवरुद्ध सड़क को खोलने में और अधिक समय लगा।

Related Articles

Back to top button