उत्तरप्रदेश में नए पेराई सत्र के लिए नई गन्ना सट्टा एवं आपूर्ति नीति जारी, किसानों का होगा फायदा

प्रदेश के गन्ना एवं चीनी आयुक्त संजय आर. भूसरेड्डी द्वारा पेराई सत्र 2022-23 के लिए गन्ने के सट्टे एवं आपूर्ति नीति जारी कर दी गई है। गन्ना आपूर्ति नीति के आधार पर ही प्रदेश के गन्ना कृषकों को गन्ने की पर्चियों के निर्गमन सहित आपूर्ति हेतु विस्तृत निर्देश चीनी मिलों को दिये जाते हैं।

उन्होंने बताया कि गन्ना विकास विभाग द्वारा जारी सट्टा एवं आपूर्ति नीति में कृषक हितों के दृष्टिगतमुख्य रूप से भूमि क्रय-विक्रय के प्रकरणों में बेसिक कोटा हस्तान्तरण, ड्रिप विधि से सिंचाई करने वाले कृषकों को सट्टे में प्राथमिकता, सैनिकों, अर्द्धसैनिक बलों, भूतपूर्व सैनिकों एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों तथा उनकेविधिक उत्तराधिकारियों को गन्ना आपूर्ति में प्राथमिकता, उत्तम गन्ना कृषकों को उपज बढ़ोत्तरी हेतु निःशुल्क प्रार्थना-पत्र देने की सुविधा एवं सट्टाधारक सदस्य कृषक की मृत्यु पेराई सत्र के दौरान होने पर सट्टा चालू रखे जाने सम्बन्धी प्राविधान प्रमुख हैं। इस वर्ष की आपूर्ति नीति में प्रति कृषकगन्ना सट्टे की सीमा सीमान्त कृषक (1 हेक्टेयर तक) के लिए अधिकतम 850 कु., लघु कृषक (2 हेक्टेयर तक) के लिये 1,700 कु. तथा सामान्य कृषक (5 हेक्टेयर तक) के लिये 4,250 कु. एवं उपज बढ़ोत्तरी की दशा में सट्टे की अधिकतम सीमा सीमान्त, लघु एवं सामान्य कृषक हेतु क्रमशः 1350 कु., 2,700 कु. तथा 6,750 कु. निर्धारित की गयी है। गन्ना विकास विभाग द्वारा आपूर्तिकर्ता कृषकों की अधिकतम गन्ना आपूर्ति सुनिश्चित कराने के लिए गत दो वर्ष, तीन वर्ष एवं पांच वर्ष की औसत गन्ना आपूर्ति में से अधिकतम औसत गन्ना आपूर्ति को पेराई सत्र 2022-23 के लिए बेसिक कोटा माने जाने के निर्देश दिये गये हैं साथ ही जो कृषक पेराई सत्र 2021-22 में नये सदस्य बने हैं, तथा एक वर्ष ही गन्ना आपूर्ति किए हैं, उनके एक वर्ष की गन्ना आपूर्ति को ही बेसिक कोटा माना जायेगा। भूमि क्रय-विक्रय के प्रकरणों में बेसिक कोटा भी नियमानुसार हस्तान्तरणीय होगा। गन्ना एवं चीनी आयुक्त द्वारा बताया गया कि ड्रिप इरीगेशन पद्वति अपनाने वाले कृषकों को उनको अतिरिक्त सट्टे में प्राथमिकता दी जाएगी तथा अतिरिक्त सट्टे में अस्वीकृत गन्ना प्रजातियों को सम्मिलित नहीं किया जाएगा। अतिरिक्त सट्टे हेतु किसी गन्ना कृषक से प्रशासनिक शुल्क के रूप में धनराशि की कटौती नहीं की जाएगी। ट्रेंच विधि से बुआई, सहफसली खेती एवं ड्रिप के प्रयोग एक ही खेत पर शुरू करने वाले चयनित ’’उत्तम गन्ना कृषकों’’ से उपज बढोत्तरी के प्रार्थना-पत्र निःशुल्क प्राप्त किये जाएंगे।
यह भी बताया कि इस वर्ष समिति स्तरीय सट्टा प्रदर्शन के दौरान प्राप्त आपत्तियों के निस्तारण के उपरान्त अन्तिम कैलेण्डर स्मार्ट गन्ना किसान(ई.आर.पी.) की वेब साइट बंदमनचण्पद एवं मोबाइल ऐप पर ऑनलाइन उपलब्ध कराया जाएगा। किसानों हेतु पोर्टल एवं मोबाइल ऐप पर अन्तिम कैलेण्डर का प्रदर्शन चीनी मिल चलने के एक सप्ताह पूर्व कर दिया जाएगा। कम्प्यूटरीकृत व्यवस्था के अन्तर्गत कृषकों के लिए सुलभ स्थान पर एक अतिरिक्त टर्मिनल लगा कर पूछताछ केंद्र स्थापित किया जाएगा। गन्ना आपूर्ति के सम्बन्ध में कोई विशेष तात्कालिक समस्या उत्पन्न होने की स्थिति में जिला गन्ना अधिकारी एवं क्षेत्रीय उप गन्ना द्वारा नियमानुसार समस्या का त्वरित निराकरण कराया जाएगा।

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