बेहद संवेदनशील होता हैं सास-बहू का रिश्ता, इस तरह बनाएं इसे मजबूत

भारत देश में शादी का रिश्ता दो लोगों से ज्यादा दो परिवारों का मिलन होता हैं जहां आपको अपने पति या पत्नी के अलावा भी कई रिश्तों को तवज्जो देने की जरूरत होती हैं। ज्यादातर यह लड़कियों के लिए मुश्किल होता हैं क्योंकि वे अपना घर छोड़कर ससुराल जाती हैं और सभी से एक बोंडिंग बनाने की जिम्मेदारी भी उनपर आती हैं। खासतौर से इसमें सास से अच्छा रिश्ता बनाना एक चुनौती भरा काम होता है। सास-बहू का रिश्ता बेहद संवेदनशील होता हैं जिसे मजबूत बनाने की जरूरत होती हैं ताकि घर में खुशियां बनी रहे। ऐसे में आज हम आपको कुछ ऐसे तरीके बताने जा रहे हैं जिनकी मदद से आप अपनी सास के साथ मजबूत संबंध स्थापित कर पाएंगी। आइये जानते हैं इनके बारे में…

सम्मान देना सीखें

किसी भी रिश्ते की मजबूती का आधार होता है एक-दूसरे को सम्मान देना और जहां तक हमसे उम्र में बुजुर्गों की बात है तो ये स्वभाविक हो ही जाता है। अतः उनका तथा उनकी बातों का आदर करें और इस रिश्ते की मर्यादाओं का हर संभव पालन करें। ध्यान रहे सम्मान देने के पश्चात ही सम्मान मिलने की आशा की जा सकती है। हम उन्हें पिता की तरह आदर और सम्मान नहीं देंगे तो हमें भी उनसे सम्मान की उम्मीद नहीं रखना चाहिए।

सास को समझे मां

मां एक महिला के जीवन में सबसे नजदीकी दोस्त होती है, इसलिए सास के साथ भी वैसा ही व्यवहार बनाने का प्रयास करें, ताकि वह आपको बहु नहीं बेटी समझें। अगर वह आपको किसी चीज को लेकर डांट दें तो उसे बुरा मानने की बजाए सीख की तरह लें। साथ ही आप अपने सास के बचपन, जवानी के किस्से के बारे में जानें। इससे आपके सास की रुचि आपसे बात करनें में बढ़ेगी। ऐसा करने से आपके बीच एक स्वस्थ्य रिश्ता बनता जाएगा और आपको पता भी नहीं चलेगा।

अपना रवैया बदलें

अगर आपकी सास आपके हर काम में कमियां ढूंढतीं हैं और उनकी ये आदत खत्म होने की बजाए दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। ऐसे में जरुरत है कि आप अपने रवैये में बदलाव करें। हर काम में आप उनको सफाई देने की बजाए शांत रहने की कोशिश करें। बेवजह की नोकझोंक उनके साथ बंद कर दें। हो सकता है कि आपके द्वारा प्रति उत्तर ना करने से आपकी सास का व्यवहार बदल जाए। ऐसे में संयम से काम लेना बेहतर होगा।

मार्गदर्शन लेते रहें

जब जरूरी हो उनसे सुझाव तथा मार्गदर्शन लेते रहें। बहुत बार हम पारिवारिक स्तर पर या अपने काम के चलते ऐसे उलझ जाते हैं जब हमें किसी अनुभवी व्यक्ति के मार्गदर्शन की जरूरत पड़ती है। ऐसे में यदि हम किसी अपने की ही मदद ले लें तो हमें जीवन में उनका महत्व समझ में आता है। वैसे भी अनुभवों से मिले मार्गदर्शन से लक्ष्य प्राप्ति आसान होती है। इसलिए जब जरूरत पड़े तो उन अनुभवों से मार्ग को प्रशस्त करने में ही समझदारी है।

काम को लेकर न करें बहस

आप घर की बहू हैं कोई मशीन नहीं कि सारे काम एकसाथ कर लेंगी। आप उतना ही काम करें जितना आप कर सकती हैं। जरूरत से ज्यादा काम की वजह से तनाव, थकान और चिड़चिड़ापन होगा। इसलिए जरूरी है कि हिम्मत कर स्पष्ट तौर पर अपने काम बता दें ताकि काम की वजह से झगड़ा न हो।

कुछ समय बिताएं
सास के साथ अपेक्षित समय बिताएं और उनकी जरूरतों का ध्यान रखें। इससे उनकी पसंद-नापसंद और जरूरतों के बारे मे पता चलता है। इस तरह उनका ख्याल रखकर उन्हें अपनत्व का अहसास कराया जा सकता है। उनकी छोटी-छोटी आदतों पर गौर करें तब ही आपको उनके बारे में बारीकी से पता चलेगा। एक बार स्वभाव समझ में आने पर आप उनका सही तरह से ध्यान रखकर उनके दिल में खास जगह बना सकती हैं।

आभार व्यक्त करें

बहुत बार हमें लगता है कि हमारे किसी खास कार्य ने दिल को सुकून दिया है। ऐसे में कोई व्यक्ति हमारी सराहना कर दे तो हमें उससे और अधिक प्रेरणा मिलती है। इसी तरह हमें भी हमारे सासजी की प्रशंसा करना चाहिए। उनके प्रति आभार व्यक्त करते रहना चाहिए। परिवार में एक पिता ही है जो न अपना त्याग व्यक्त करते हैं और न ही समर्पण। उनके इस मौन को हमेशा ध्यान रखें और इसका सम्मान करें।

बच्चों और दादी के बीच न पड़ें

अपने बच्चे और सास के बीच के रिश्ते में बाधा ना बनें। दादी और पोता-पोती के बीच का रिश्ता काफी मधुर होता है। वो आपसे ज्यादा आपके बच्चों को प्यार करेंगी। इन बातों से आपको खुश होनी चाहिए। बच्चे अपने ग्रैंड पैरेंट्स से बहुत कुछ सीखते भी हैं। वो उन्हें सही गलत की समझ भी हमेशा देते हैं।

उन्हें स्पेशल फील कराएं

सास के साथ रिश्ते को और मजबूत बनाने के लिए उनके जन्मदिन और शादी के सालगिरह को खास बनाएं। इस दिन आप उनकी पसंदीदा चीजें खाने में बना सकती हैं, कहीं घूमाने ले जाएं, उनके पुराने दोस्तों को घर पर बुला लें, फैमिली गेट टुगेदर कर लें। ये सब चीजें करके आप उनको अपने से और करीब कर लेंगी।

Related Articles

Back to top button