ई-नीलामी में लगायी गयी प्राधिकरण की व्यावसायिक सम्पत्तियों की बुकलेट को किया गया लांच

 विकास प्राधिकरण ने अपनी विभिन्न योजनाओं में प्राइम लोकेशन पर स्थित व्यावसायिक भूखण्ड को बिक्री के लिए लांच किया है। इसमें माॅल, मल्टीप्लेक्स, ग्रुप हाउसिंग, सिटी क्लब, नर्सिंग होम व स्कूल-काॅलेज आदि खोलने के लिए उपयुक्त भूखंड शामिल हैं। लखनऊ विकास प्राधिकरण की अध्यक्ष/मण्डलायुक्त डाॅ0 रोशन जैकब व उपाध्यक्ष डाॅ0 इन्द्रमणि त्रिपाठी ने गुरूवार को प्रमुख निवेशकों के साथ बैठक करके व्यावसायिक सम्पत्तियों की बुकलेट को लांच किया।

लखनऊ (आरएनएस)

इस दौरान स्टेक होल्डर्स के समक्ष संपत्तियों का प्रेजेंटेशन देते हुए उन्हेें निवेश करने के लिए प्रेरित किया गया।
लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डाॅ0 इन्द्रमणि त्रिपाठी ने बताया कि व्यावसायिक सम्पत्तियों की ई-नीलामी में सहभागिता बढ़ाने के उद्देश्य से निवेशकों के साथ सीधा संवाद स्थापित किया गया। इसमें निजी विकासकर्ता, होटल/माॅल/मल्टीप्लेक्स उद्योग, पेट्रोल पम्प कंपनियों व शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधि आदि शामिल रहे। बैठक में निवेशकों के समक्ष प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं में रिक्त ग्रुप हाउंसिंग, शाॅपिंग माॅल/मल्टीप्लेक्स, होटल, सिटी क्लब, पेट्रोल पम्प, स्कूल, टेक्निकल एजुकेशन भूखण्ड, नर्सिंग होम, फैसेल्टीज, कन्वीनिएंट शाॅप एवं मिश्रित भू-उपयोग की सम्पत्तियों का प्रेजेन्टेशन दिया गया। इस दौरान मण्डलायुक्त डाॅ0 रोशन जैकब ने निर्देश दिये कि व्यावसायिक संपत्तियों की जानकारी देने व अन्य सम्बंधित कार्यों को सम्पादित करने के लिए प्राधिकरण भवन में एक फेलिसिटेशन काउंटर बनाया जाए। इसके अतिरिक्त ई-नीलामी में लगाये गए समस्त भूखण्डों पर बोर्ड लगाया जाए, जिसमें संपत्ति का पूरा विवरण उसकी दर सहित अंकित हो। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ई-नीलामी में लगाये गए भूखण्डों के आसपास अगर किसी प्रकार का अतिक्रमण हो, तो उसे तत्काल प्रभाव से अभियान चलाकर हटाया जाए। इस मौके पर मण्डलायुक्त द्वारा निवेशकों से भी उनके सुझाव मांगे गए और इन पर कार्यवाही के लिए सम्बंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया। बैठक में सचिव पवन कुमार गंगवार, अपर सचिव ज्ञानेन्द्र वर्मा, मुख्य अभियंता अवधेश तिवारी, वित्त नियंत्रक दीपक सिंह, मुख्य नगर नियोजक नितिन मित्तल, विशेष कार्याधिकारी अमित राठौर, अधीक्षण अभियंता अजय कुमार सिंह, अधिशासी अभियंता भूपेन्द्र वीर सिंह एवं अवनीन्द्र कुमार सिंह व के0के0 बंसला समेत अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
ई-नीलामी में ऐसे ले सकते हैं भाग
प्राधिकरण के सचिव पवन कुमार गंगवार ने निवेशकों को जानकारी देते हुए बताया कि व्यावसायिक भूखंडों की ई-नीलामी दिनांक 17 ओक्टूबर को की जाएगी। इसमें भाग लेने के लिए 1 सिंतबर से 10 अक्तूबर तक पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) खोला गया है। ई-नीलामी में भाग लेने के इच्छुक व्यक्तियों कोे पंजीकरण कराने के लिए प्राधिकरण की वेबसाइट पर जाकर लाॅगिन आईडी बनानी होगी। तत्पश्चात अपनी बनायी हुई आईडी से जिस सम्पत्ति की नीलामी में भाग लेना चाहते हैं, उसका चयन करना होगा। सम्पत्ति का चयन करने के उपरांत नियमानुसार टोकन मनी/ई0एम0डी0 की धनराशि जमा करने के लिए ई-चालान बनाकर अपने बैंक से आर0टी0जी0एस अथवा नेट बैंकिंग के माध्यम से धनराशि जमा करके ई-नीलामी वाली तिथि को बोली लगायी जा सकती है।
इन योजनाओं में हैं भूखंड
उपाध्यक्ष डाॅ0 इन्द्रमणि त्रिपाठी ने बताया कि सीबीडी एवं सीजी सिटी (चक गंजरिया), गोमती नगर एवं गोमती नगर विस्तार, हरदोई रोड स्थित बसन्तकुंज योेजना, जानकीपुरम/जानकीपुरम विस्तार, कानपुर रोड योजना, शारदा नगर योजना (रजनीखण्ड), ऐशबाग इंडस्ट्रियल योजना व प्रियदर्शिनी योजना के कुल 95 व्यावसायिक भूखण्ड ई-नीलामी में लगाये गए हैं। इनमें 5.76 वर्ग मीटर से लेकर 26,328 वर्ग मीटर क्षेत्रफल तक के भूखण्ड  शामिल हैं।
मानचित्र समाधान दिवस में 19 प्रकरणों का हुआ निस्तारण
लखनऊ विकास प्राधिकरण में गुरूवार को मानचित्र समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस मौके पर प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डाॅ0 इन्द्रमणि त्रिपाठी ने कैम्प में उपस्थित होकर लोगों की समस्याओं को सुना और प्रकरणों के निस्तारण के लिए सम्बंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। मुख्य नगर नियोजक नितिन मित्तल ने बताया कि ऑनलाइन बिल्डिंग प्लान अप्रूवल सिस्टम (ओ.बी.पी.एस) पर मानचित्रों के निस्तारण के सम्बन्ध में शासन द्वारा प्रत्येक माह के प्रथम गुरुवार को मानचित्र समाधान दिवस का आयोजन किये जाने का निर्णय लिया गया है। इस क्रम में आज गुरुवार को गोमती नगर के विपिन खण्ड स्थित लखनऊ विकास प्राधिकरण भवन के भूतल स्थित कमेटी हाॅल में मानचित्र समाधान दिवस का आयोजन प्रातः 11ः00 बजे से अपरान्ह 2ः00 बजे तक किया गया। इस मौके पर कुल 19 प्रकरणों का निस्तारण किया गया। इसमें से गोमती नगर, सुशांत गोल्फ सिटी, कानपुर रोड व एल्डिको रिगेलिया आदि क्षेत्र के 10 मानचित्र स्वीकृत किए गए। इसके अलावा 2 मानचित्र निर्गत किए गए, जबकि 5 प्रकरणों में आपत्तियों का निस्तारण किया गया। उन्होंने बताया कि 2 मामले साफ्टवेयर से सम्बन्धित थे, जिसके निराकरण के लिए मेसर्स साफ्टेक के प्रतिनिधि को निर्देशित किया गया।

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