वित्तीय संस्थानों के ब्याज दरों में बढ़ोतरी से ऑटो और होम लोन हुआ महंगा,जाने अब कितनी देनी होगी कीमत

आरबीआइ की ओर से बीते बुधवार को रेपो दर में 50 आधार अंकों की बढ़ोतरी के बाद बैंकों और वित्तीय संस्थानों ने ब्याज दरों में वृद्धि शुरू कर दी है। इससे होम, आटो और पर्सनल लोन महंगे हो गए हैं। रेपो दर में वृद्धि के बाद आइसीआइसीआइ बैंक, बैंक आफ बड़ौदा, पीएनबी, बैंक आफ इंडिया, इंडियन बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक और एचडीएफसी लिमिटेड ने कर्ज की दरों में बढ़ोतरी की है। बता दें कि रेपो दर उसे कहते हैं, जिस पर आरबीआइ छोटी अवधि की जरूरतों को पूरा करने के लिए बैंकों को कर्ज देता है।

निजी क्षेत्र के आइसीआइसीआइ बैंक ने रेपो आधारित बाहरी बेंचमार्क उधारी दर को 50 आधार अंक बढ़ाकर 8.10 प्रतिशत से 8.60 प्रतिशत कर दिया है। पीएनबी ने रेपो आधारित उधारी दर को 6.90 प्रतिशत से बढ़ाकर 7.40 प्रतिशत और बैंक आफ बड़ौदा ने भी बढ़ाकर 7.40 प्रतिशत कर दिया है। एचडीएफसी लिमिटेड ने होम लोन की दरों को 0.50 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। इससे 20 वर्ष की अवधि के लोन पर प्रति लाख 31 रुपये ज्यादा देने होंगे। एसबीआइ ने रेपो दर में बढ़ोतरी से पहले ही बाहरी बेंचमार्क उधारी दर को बढ़ाकर 7.05 प्रतिशत कर दिया है। इस दर के साथ क्रेडिट जोखिम प्रीमियम भी शामिल किया जाता है।

इंडियन बैंक ने ब्याज दर बढ़ाकर 7.75 प्रतिशत और इंडियन ओवरसीज बैंक ने 7.75 प्रतिशत कर दिया है। बैंक आफ महाराष्ट्र ने कर्ज की दरों को 7.20 प्रतिशत से बढ़ाकर 7.70 कर दिया है।

जमा पर नहीं मिल रहा लाभ

रेपो दर में बढ़ोतरी के बाद बैंक कर्ज की दरों को तुरंत बढ़ा देते हैं लेकिन जमा से जुड़ी दरों में जल्दी से वृद्धि नहीं करते हैं। जानकारों का कहना है कि ज्यादा से ज्यादा मुनाफे के लिए बैंक ऐसा करते हैं। कई बार जमा पर ब्याज दरों में तय सीमा से कम बढ़ोतरी की जाती है।

आरबीआइ ने दो महीने में दो बार बढ़ाई रेपो दर

आरबीआइ ने मई में आकस्मिक बैठक का आयोजन कर रेपो दर में 40 आधार अंकों की बढ़ोतरी की थी। इसके बाद आठ जून को समाप्त हुई मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक में रेपो दर में 50 आधार अंकों की वृद्धि का फैसला किया। इस प्रकार बीते दो महीनों में आरबीआइ ने रेपो दर में 90 आधार अंकों की बढ़ोतरी की है।

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