हाईकोर्ट ने फिर खोली नदीमर्ग नरसंहार केस की फाइल, 2003 में 24 कश्मीरी पंडितों की हुई थी सामूहिक हत्या

जम्मू कश्मीर से बड़ी खबर सामने आई है। जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय ने एक दशक पहले बंद हो चुके नदीमर्ग नरसंहार केस को रि-ओपन करने का आदेश दिया है। मार्च 2003 में मजहबी कट्टपंथियों द्वारा पुलवामा जिले में 24 कश्मीरी पंडितों की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी।

राष्ट्रीय (आरएनएस)

न्यायमूर्ति संजय धर ने 21.12.2011 के आदेश को वापस लेने का अनुरोध स्वीकार कर लिया, जिसमें आपराधिक पुनरीक्षण याचिका खारिज कर दी गई थी। नदीमर्ग में हुए कश्मीरों पंडितों के नरसंहार मामले में 2003 में जैनापोरा, शोपियां में धारा 302, 450, 395, 307, 120-बी, 326, 427 आरपीसी, 7/27 आर्म्स एक्ट और धारा 30 के तहत मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में 7 लोगों का चालान किया गया था। जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट 15 सितंबर, 2022 को केस में अगली सुनवाई करेगा।
नदीमर्ग हत्याकांड मामले को फिर से खोलने से संबंधित सुनवाई में जम्मू कश्मीर हाई कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस संजय धर ने कहा, ‘मामले की सुनवाई के दौरान, अभियोजन पक्ष ने निचली अदालत के समक्ष एक आवेदन दायर किया, जिसमें कमीशन पर सामग्री अभियोजन गवाहों की जांच करने की अनुमति मांगी गई थी। जैसा कि अभियोजन पक्ष के अनुसार, ये गवाह कश्मीर घाटी से बाहर चले गए थे और खतरे के डर से शोपियां में निचली अदालत के समक्ष पेश होने से हिचक रहे थे।

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