शेयर बाजार खुलने के दौरान ही दर्ज की गई गिरावट , 800 अंक से ज्‍यादा नीचे गिरा सेंसेक्स

शेयर बाजार में गुरुवार को शुरुआती कारोबार के दौरान गिरावट दर्ज की गई। Sensex 60,223 अंक के पिछले बंद स्‍तर से नीचे 59,731 पर खुला। इसके बाद इसमें गिरावट बढ़ गई और खबर लिखे जाने तक यह 861 अंक नीचे कारोबार कर रहा था। Nifty 50 भी 241 अंक नीचे 17683 अंक पर कारोबार कर रहा था।

इससे पहले बुधवार को शेयर बाजारों में लगातार चौथे कारोबारी सत्र में तेजी जारी रही थी और बीएसई सेंसेक्स ने बुधवार को 367 अंक मजबूत होकर 60,000 अंक के स्तर को फिर हासिल कर लिया। बैंक और वित्तीय शेयरों में तेजी ने आईटी शेयरों में मुनाफावसूली के प्रभाव को सीमित किया। कारोबारियों के अनुसार, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में तेजी और विदेशी संस्थागत निवेशकों की लिवाली जारी रहने से तेजी को समर्थन मिला।

बाजार में शुरुआत में उतार-चढ़ा रहा। हालांकि, बाद में इसमें तेजी आयी और अंत में तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 367.22 अंक यानी 0.61 प्रतिशत मजबूत होकर 60,223.15 अंक पर बंद हुआ। इससे पहले, सूचकांक 17 नवंबर, 2021 को 60,000 अंक के ऊपर बंद हुआ था। इसी प्रकार, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 120 अंक यानी 0.67 प्रतिशत की तेजी के साथ 17,925.25 अंक पर बंद हुआ।

सेंसेक्स के शेयरों में 5.09 प्रतिशत से अधिक की तेजी के साथ सर्वाधिक लाभ में बजाज फिनसर्व रही। इसके अलावा बजाज फाइनेंस, कोटक बैंक, एक्सिस बैंक, टाटा स्टील, एचडीएफसी बैंक, एशियन पेंट्स, मारुति और आईसीआईसीआई बैंक भी लाभ में रहे। दूसरी तरफ गिरावट वाले शेयरों में टेक महिंद्रा, इन्फोसिस, एचसीएल टेक, विप्रो, पावरग्रिड और डॉ. रेड्डीज शामिल हैं। इनमें 2.87 प्रतिशत तक की गिरावट आयी। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 18 लाभ में रहे।

जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि उतार-चढ़ाव वाले कारोबार में घरेलू बाजार हल्की गिरावट के बाद ऊपर चढ़ा। कोविड संक्रमण के बढ़ते मामलों पर अंकुश लगाने के लिये बड़ी पाबंदियों से बाजार में उतार-चढ़ाव आया। बैंक शेयरों का प्रदर्शन बेहतर रहा। इसका कारण यह है निजी क्षेत्र के कुछ बैंकों का कारोबार तीसरी तिमाही में दहाई अंक में बढ़ा है।

रेलिगेयर ब्रोकिंग के उपाध्यक्ष (शोध) अजित मिश्रा ने कहा कि चालू वर्ष में बाजार की शुरुआत अच्छी रही। लेकिन अब इसमें कुछ गिरावट आ सकती है। फिलहाल बैंक और वित्तीय शेयर तेजी की अगुवाई कर रहे है। ऐसे में उनका प्रदर्शन महत्वपूर्ण है…इसके अलावा साप्ताहिक सौदों के निपटान के अंतिम दिन कुछ उतार-चढ़ाव आ सकता है। कारोबारी अपनी खरीद पर नुकसान सीमित रखने को लेकर ‘स्टॉप लॉस’ (शेयर में गिरावट होने पर एक तय मूल्य पर उसे बेच देना) का विकल्प अपना सकते हैं। हालांकि, गिरावट पर शेयर खरीदा जा सकता है।

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