माहौट के बीच बसंत का आगाज, ब्रज की होली का हुआ शुभारम्भ

मथुरा। माहौट के माहौल में आज बसंत का आगाज हो रहा है। आसमान में बादल छाए हुए हैं। एक माहौट भी पड चुकी है। ब्रज में माघ के महीने में होने वाली बरसात को माहौट कहा जाता है। 26 जनवरी को बसंत पंचमी है और इसी के साथ ब्रज में होली का डांढा गढ जाता है।

हिंदू कैलेंडर के अनुसार, माघ पूर्णिमा इस साल पांच फरवरी को है। तिथि 4 फरवरी 2023 को रात 09ः29 बजे शुरू होगी और 5 फरवरी, 2023 को रात 11ः58 बजे तक रहेगी। फाल्गुन मास होली की मस्ती छायी रहती है। 26 जनवरी को बसंत पंचमी को होली का डंडा गढेगा। 27 फरवरी को बरसाना की लड्डू होली है। 28 फरवरी को बरसाना में लठामार होली होगी। एक मार्च को नंदगांव में लठामार होली होगी। तीन मार्च को श्रीकृष्ण जन्मभूमि, श्री द्वारकाधीश और बिहारी जी मंदिर की होली होगी। पांच मार्च को गोकुल की छड़ी मार होली होगी। सात मार्च को होलिका दहन है, फालेन में धधकती आग से पंडा निकले की लील होगी। आठ मार्च को दुल्हंडी, नौ मार्च को नंदगांव, जाब और दाऊजी में हुरंगा होगा। नौ मार्च को चरकुला नृत्य मुखराई में होगा, 10 मार्च को गिडोह तथा बठैन में हुरंगा खेला जाएगा।

बसंत पंचमी के अवसर पर मंदिरों में गुलाल उड़ाया जाएगा। मंदिरों में गुलाल उडते ही ब्रजवासियों में उल्लास भर जाता है। बसंत पंचमी का पर्व देशभर में मनाया जाता है लेकिन ब्रजभूमि में इस त्योहार का अपना अलग ही महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बृज में आज ही के दिन से 45 दिन के होली महोत्सव की शुरुआत हो जाती है और इस दिन यहां के सभी प्रमुख मंदिरों में जमकर गुलाल उड़ता है। बडी संख्या में देश विदेश से बसंत पंचमी मनाने के लिए श्रद्धालुओं का आगमन मंगलवार से ही शुरू हो गया।

पुलिस प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए ट्रैफिक प्लान लागू किया गया है, जिससे भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह से वृंदावन की ओर जाने वाले मार्गों पर प्रतिबंधित कर दिया गया है। बसंत पंचमी पर वृन्दावन के विश्व प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर में भी होली का नजारा बेहद मनभावन होता है। होली शुरू होने में भले ही अभी 40 दिन का समय हो, लेकिन बृज में अभी से ही होली की शुरुआत हो जाती है। बसंत पंचमी के दिन से ही मंदिरों में होली खेलने की शुरुआत होने के साथ ही बृज में होली का डाँढ़ा गाड़ने की भी परंपरा रही है, इसलिए आज ही के दिन यहां जगह जगह पूजा अर्चना करने के साथ होलिका बनाने की भी शुरुआत हो जाती है।

Tag: #nextindiatimes #weather #rain #mathura #brij #holi #basantpanchami #temple #hindu #festival #worship #goddess #sarswati

Related Articles

Back to top button