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बोर्ड परीक्षा परिणाम स्पेशल

ये हैं टीम इंडिया के सबसे ज्यादा पढ़े-लिखे क्रिकेटर्स!

बोर्ड की परीक्षाओं के परिणाम आ चुके हैं। लखनऊ की दिव्यांशी जैन ने सीबीएसई की 12वीं में 600 में से 600 नंबर हासिल करके इतिहास रचा है। रिया जैन ने यूपी बोर्ड की 10वीं की परीक्षा में 96.67 फीसदी अंक हासिल किए। शिक्षा आजकल हर क्षेत्र में बेहद जरूरी है। ऐसा माना जाता है कि खेल को अपना कैरियर बनाने वाले खिलाड़ियों की शैक्षणिक योग्यता कम होती है। लेकिन आपको बता दें कि सभी भारतीय क्रिकेटरों के साथ ऐसा नहीं है। क्या आप जानते हैं कि क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर सिर्फ हाईस्कूल पास हैं। भारतीय क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग, हरभजन सिंह, मोहम्मद कैफ का भी यही हाल है। विराट कोहली, शिखर धवन और रोहित शर्मा सिर्फ 12वीं पास हैं। इसी मौके पर आइए आज हम आपको देश के उन क्रिकेटर्स के बारे में बताते हैं जो खेल के साथ-साथ पढ़ाई-लिखाई में भी अव्वल रहे हैं।

 

राहुल द्रविड़: क्रिकेट जगत की 'दीवार' कहे जाने वाले राहुल द्रविड़ का जब भारतीय टीम में चयन हुआ था तब वे एमबीए की पढ़ाई कर रहे थे, इससे पहले राहुल द्रविड़ की स्कूलिंग बेंगलुरु के जाने-माने सेंट जोसेफ स्कूल से हुई है। बाद में द्रविड़ ने कॉमर्स में ग्रेजुएशन भी किया। भारतीय टीम के लिए बल्लेबाजी के साथ-साथ कीपिंग और कप्तानी कर चुके राहुल का जन्म 11 जनवरी 1973, कर्नाटक में हुआ था। 

 

अनिल कुंबले: साल 1970 में बैंगलुरू में जन्में पूर्व भारतीय कप्तान और टीम इंडिया की रीढ़ रह चुके स्पिन गेंदबाज अनिल कुंबले क्रिकेटर के साथ-साथ एक मैकेनिकल इंजीनियर भी हैं। अनिल कुंबले ने अपनी बॉलिंग अटैक से विरोधी बल्लेबाजों को हथियार डालने के लिए कई बार मजबूर किया। भारत की तरफ से सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले कुंबले ने अपने क्रिकेट करियर के अंत में भारतीय टेस्ट टीम की कप्तानी भी की थी। क्रिकेट मैदान के अलावा कुंबले पढ़ाई में भी अच्छे रहे हैं। अनिल कुंबले ने नेशनल कॉलेज बसावनागुडी से शिक्षा ग्रहण करने के बाद 1992 में राष्ट्रीय विद्यालय कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की है।

 

जवागल श्रीनाथ: 31 अगस्त 1969 को कर्नाटक में जन्में जवागल श्रीनाथ भारतीय टीम के पूर्व तेज गेंदबाज रह चुके हैं। अब श्रीनाथ आईसीसी के मैच रैफरी भी हैं। अपने समय के बेहतरीन तेज गेंदबाज रहे श्रीनाथ ने वनडे क्रिकेट में 300 से ज्यादा विकेट लिए हैं। एक क्रिकेटर के साथ-साथ श्रीनाथ एक इंजीनियरिंग ग्रेजुएट भी हैं। उन्होंने क्रिकेट में आने से पहले मैसूर से इंस्ट्रुमेंटल इंजीनियरिंग में बैचलर इन इंजीनियरिंग डिग्री हासिल की थी।

 

वीवीएस लक्ष्मण: भारतीय टीम के वैरी वैरी स्पेशल बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण को उनकी कलाईयों के बेहतरीन इस्तेमाल के लिए भी जाना जाता है। लक्ष्मण का पूरा नाम वेंगीपुरापु वेंकटा साईं लक्ष्मण है। लक्ष्मण के माता व पिता दोनों ही डॉक्टर हैं। वह खुद पढ़ाई में बहुत अच्छे हैं। 1 नवंबर 1974 को हैदराबाद में जन्में लक्ष्मण ने टेस्ट पर्दापण दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ साल 1996 में किया। उन्होंने साल 2006 में ही अपना अंतिम एकदिवसीय मैच भी दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ ही खेला। हैदराबाद के लिटिल फ्लॉवर हाईस्कूल से स्कूलिंग और फिर 12वीं करने के बाद वीवीएस लक्ष्मण को मेडिकल कॉलेज में दाखिला मिल गया था।

 

रविचंद्रन अश्विन: वर्तमान समय में भारतीय टीम के सबसे बेहतरीन स्पिनर रविचंद्रन अश्विन का जन्म 17 सितंबर 1986 को तमिलनाडु राज्य में हुआ। अपनी स्पिन गेदबाजी से दुनिया के बड़े-बड़े बल्लेबाजों को नचाने वाले आर. अश्विन ने चेन्नई के SSN कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीटेक किया है।

 

अजिंक्य रहाणे: 6 जून 1988 को जन्में रहाणे क्रिकेटर के अलावा पढ़ाई लिखाई में भी अच्छे रहे हैं और उनके पास बी. कॉम की डिग्री है। 

 

सुरेश रैना: 27 नवंबर 1986 को उत्तरप्रदेश में जन्में सुरेश रैना ग्रेजुएट हैं और उनके पास बी. कॉम डिग्री है। रैना बाएं हाथ के आक्रामक बल्लेबाज हैं और साथ ही वे आईपीएल में गुजरात लायंस टीम के कप्तान भी हैं।

 

एमएस धोनी: क्रिकेटर बनने के बाद एमएस धोनी ने रांची के सिटी कॉलेज में बी कॉम की डिग्री के एडमीशन लिया था। लेकिन साल 2013 में बिजी शेड्यूल के कारण वह परीक्षा नहीं दे पाए थे। इसलिए इस साल वह फेल हो गए थे। बाद के सालों में एमएस धोनी ने परीक्षा दी और बी. कॉम पास करने के साथ ग्रेजुएट पास हो गए।

 

विराट कोहली: विराट कोहली दिल्ली के विश्व भारती एंड सेवियर कॉन्वेन्ट स्कूल से पढ़े हुए हैं। कोहली बचपन से ही सचिन तेंदुलकर की ही तरह एक बेहतरीन क्रिकेटर बनना चाहते थे और इसके लिए उन्होंने अपना खूब पसीना बहाया। यही कारण रहा कि वह सिर्फ 12वीं तक पढ़ाई कर पाए। बहरहाल, अभी कोहली के पास समय है और वह ग्रेजुएशन कम से कम डिस्टेंस से तो कर ही सकते हैं। एम एस धोनी ने डिस्टेंस से पढ़ाई करके ही एक बार फेल हो जाने के बाद बी कॉम पास किया था।

 

शिखर धवन: दिल्ली के रहने वाले शिखर धवन भी 12वीं तक पढ़े हुए हैं और वह कभी कॉलेज नहीं गए। उन्होंने टीम इंडिया में आने का रास्ता अख्तियार कर लिया था। खेल में लगन की वजह से धवन को कभी कॉलेज जाने का मौका नहीं मिला।

 

युवराज सिंह: भारतीय टीम के बेहतरीन क्रिकेटरों में से एक युवराज सिंह ने साल 2000 में जब वह 21 साल के थे तब उन्होंने डेब्यू किया था। युवराज सिंह ने डीएवी स्कूल से 12वीं तक की पढ़ाई की। जिसके बाद उनके पिता उन्हें क्रिकेट के मैदान में ले आए।

 

जहीर खान: तेज गेंदबाज जहीर खान भी बेहतरीन क्रिकेटर के साथ-साथ अच्छे स्टूडेंट भी थे। 12वीं अच्छों अंकों के साथ पास करने के बाद जहीर ने इंजीनियरिंग में एडमीशन लिया था। लेकिन क्रिकेट खेल के प्यार ने उन्हें अपनी ओर खीच लिया और वह इंजीनियरिंग को पीछे छोड़कर क्रिकेट में आ गए।

 

सौरव गांगुली- भारतीय टीम में दादा के नाम से फेमस सौरव गांगुली ने सेंट जेवियर्स कॉलेज से कॉमर्स में ग्रैजुएट किया और बाद में उन्हें पीएचडी की उपाधि भी दी गयी।



 

 

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