मुख्यमंत्री योगी के कुशल दिशानिर्देशन में राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों के ढाँचागत विकास की तैयारी

औषधीय कृषि उत्पादों से लेकर दुग्ध उत्पादन तथा पारंपरिक कृषि उत्पादों को अंतर्राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों तक पहुंचाने के लिये जिस एकीकृत कार्ययोजना की प्रतीक्षा आजादी के बाद से ही की जा रही उसका प्रारूप अब उत्तर प्रदेश में व्यावहारिक धरातल पर दिखाई देगा। राज्य के लाखों शिक्षित ग्रामीण युवाओं को सरकारी क्षेत्रों में स्थायी रोजगार देने के लिये केंद्रीय कृषि विकास संस्थान ने जो ढाँचागत योजना तैयार की है उसे योगी सरकार ने हरी झंडी दिखा दी है।इसके साथ ही राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लाखों शिक्षित ग्रामीण युवाओं को सरकारी क्षेत्र में स्थायी रोजगार गारंटी देने की अभूतपूर्व योजना का भी शुभारंभ हो गया है।

लखनऊ(आरएनएस)

केंद्रीय कृषि विकास संस्थान के निदेशक सीबी पाँडेय ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिशानिर्देशन में तैयार इस योजना के माध्यम से पूरे देश के 3 करोड़ 50लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों को लाभान्वित किये जाने का दूरगामी लक्ष्य है जिसे 2028-29 के वित्तीय वर्ष तक पूरा कर लिया जाना निर्धारित है। इसी कार्ययोजना के प्रथम चरण में उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में 8169 कार्यनिष्पादन केंद्रों की अवस्थापना गत वित्तीय वर्ष 2021-22 तक पूरी कर ली गयी है और अब राज्य के 75जिलों में वितरित इन्हीं केंद्रों के माध्यम से उत्तर प्रदेश के 1लाख 50हजार शिक्षित ग्रामीण युवाओं को सरकारी क्षेत्र में स्थानीय स्तर पर ही स्थायी शासकीय रोजगार देने की व्यवस्था भी अंतिम चरणों में है। 25 अक्टूबर 2022 को आयोजित होने वाली अर्हता परीक्षा के उपरांत केंद्रीय कृषि विकास संस्थान राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्धता की अभूतपूर्व लहर पैदा करेगा जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था में ग्रामीण क्षेत्रों का सक्रिय और निर्णायक योगदान सुनिश्चित होगा और रोजगार के लिये शहरी क्षेत्रों की निर्भरता भी कम होगी। संस्थान की आधिकारिक सूचना के अनुसार योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा एक जनपद एक उत्पाद की योजना को ध्यान में रखते हुए राज्य के सभी जनपदों में कृषि तथा ग्रामीण उत्पादों के उत्पादन, संग्रह, विपणन तथा विक्रय केंद्रों की ढाँचागत अवस्थापना के माध्यम से ग्रामीण परिवारों को उनके क्षेत्र में ही स्थायी रोजगार मिलेगा जिससे ग्रामीण क्षेत्रों से युवा प्रतिभाओं के पलायन पर प्रभावी रोक लगेगी। निदेशक सीबी पाँडेय के अनुसार संस्थान की सेवाओं में भर्ती के लिये आगामी 25 अक्टूबर को होने वाली अर्हता परीक्षाओं के अलावा चयन प्रक्रिया को भी पूर्णतः भ्रष्टाचारमुक्त रखना केंद्रीय कृषि विकास संस्थान की नीति है जिसे उत्तर प्रदेश सरकार के सक्षम और ईमानदार अधिकारियों के सहयोग से पूरा किया जा चुका है और इस प्रकार आगामी वित्तीय वर्ष में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों के सामुदायिक विकास की योजना का लक्ष्य प्राप्त करने की दिशा में प्रगति के साथ ही राज्य के हजारों शिक्षित युवाओं को सरकारी क्षेत्र में स्थायी रोजगार देने का लक्ष्य भी प्राप्त कर  लिया जायेगा।

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