कोविड आपदा में गरीबों को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना ने कितनी राहत पहुंचाई?

भारतीय खाद्य निगम के महाप्रबंधक गिरीश कुमार ने बताया कि कोरोना महामारी के कारण लागू राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन से उत्त्पन्न आर्थिक व्यवधानों के कारण गरीबों को हुई कठिनाइयों को कम करने के लिए भारत सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम(NSFA) के तहत लाभार्थियों को मुफ्त राशन प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना(PMGKAY) का शुभारम्भ किया गया था

उत्तर प्रदेश सरकार ने गेहूं की अब तक की सबसे ज्यादा खरीद रिकॉर्ड बनाया है। आज भारतीय खाद्य निगम, लखनऊ में भारत सरकार द्वारा गरीबों के कल्याण के लिए चलाई जा रही प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना एवं प्रदेश में कृषकों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की गई गेहूं एवं धान की रिकॉर्ड खरीद के बारे में जानकारी साझा की गई ।

कोरोना महामारी के दौरान देश में लगाए गए लॉकडाउन के बाद गरीबों की समस्याओं को दूर करने के लिए शुरू की गई प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना पर बोलते हुए भारतीय खाद्य निगम के महाप्रबंधक गिरीश कुमार  ने बताया कि कोरोना महामारी के कारण लागू राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन से उत्त्पन्न आर्थिक व्यवधानों के कारण गरीबों को हुई कठिनाइयों को कम करने के लिए भारत सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम(NSFA) के तहत लाभार्थियों को मुफ्त राशन प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना(PMGKAY) का शुभारम्भ किया गया था | इस योजना के तहत, 5 किलो खाद्यान्न प्रति व्यक्ति (जिसमें 3 किलो गेहूँ और 2 किलो चावल शामिल है) प्रति माह एनएफएसए (NFSA) लाभार्थियों को अतिरिक्त रूप से वितरित किया जा रहा है | इस योजना से उत्तर प्रदेश की 14.71 करोड़ जनता लाभान्वित हो रही है।

इस विषय पर बोलते हुए भारतीय खाद्य  निगम के महाप्रबंधक गिरीश कुमार ने बताया कि वर्तमान में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के चौथे चरण के अंतर्गत प्रदेश सरकार को भारतीय खाद्य निगम के गोदामों से खाद्यान्न निर्गत किया जा रहा है जो कि शीघ्र ही लाभार्थियों को वितरित होगा | लाभार्थियों को मुफ्त वितरण हेतु प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना(PMGKAY) के तहत उत्तर प्रदेश को कुल 40093 करोड़ रूपये लागत मूल्य का 109.33 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न आवंटित किया है जिसका पूरा खर्च भारत सरकार द्वारा वहन किया जा रहा है |

गिरीश कुमार ने आगे बताया गया कि उत्तर प्रदेश में रबी विपणन सीजन 2021-22 के दौरान 12.98 लाख किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर रिकार्ड 56.41 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई। यह राज्य के इतिहास मे गेहूँ की अब तक की सबसे अधिक खरीद है | यह गत वर्ष हुयी खरीद से 58% अधिक है | किसानों को एमएसपी के रूप में कुल 11141.28 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।

इसी प्रकार से खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 के दौरान 10.22 लाख किसानों से रिकार्ड 66.84 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की गई, जो कि प्रदेश के इतिहास में धान की अब तक की सबसे अधिक खरीद है | किसानों को एम.एस.पी.(MSP)के रूप में कुल 12491.88 करोड़ रूपये का भुगतान किया गया |

आगे गिरीश कुमार ने जानकारी दी कि भारतीय खाद्य निगम कोविड19 महामारी के दौरान केंद्रीय पूल में गेहूं और चावल/धान की खरीद करने के साथ ही एनएफएसए,पीएमजीकेएवाई एवं अन्य कल्याणकारी योजनाओं के तहत उत्तर प्रदेश सरकार को खाद्यान्न उपलब्ध कराने के लिये निरंतर क्रियाशील रहा है। इस दौरान निगम द्वारा 425.42 लाख मी.टन खाद्यान्न का रिकॉर्ड टर्नओवर किया गया जो कि नियमित टर्नओवर से 73% अधिक है |

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