बिजली विभाग अपने 3.6 लाख उपभोक्ताओं के लिए शुरू किया ये अभियान

बिजली विभाग ने गौतमबुद्ध नगर में अपने 3.6 लाख उपभोक्ताओं के लिए केवाईसी (अपने ग्राहक को जानें) अभियान शुरू किया है। इसके लिए विभाग आरडब्ल्यूए और एओए की मदद लेगा। दरअसल नए कनेक्शन तो प्रॉपर केवाईसी के बाद ही दिए जाते हैं, लेकिन समस्या पुराने कनेक्शनों के साथ उत्पन्न हो रही है। पहले लिए गए कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं का नंबर तक उपलब्ध नहीं है। ये कुल उपभोक्ताओं का लगभग 10 से 15% है।

इस अभियान में उपभोक्ता के मोबाइल नंबर अपडेट, बिल के लिए व्हाट्सएप नंबर और ई-मेल आईडी और शेड्यूल्ड शटडाउन और ब्रेकडाउन अलर्ट के साथ भुगतान अलर्ट शामिल होंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल नंबर अपडेट पर फोकस रहेगा ताकि बिल और संबंधित मुद्दों को एसएमएस अलर्ट के जरिए भेजा जा सके।

मुख्य समस्या- मोबाइल नंबर बदलना
पीवीवीएनएल के चीफ इंजीनियर जेवी सिंह ने कहा, ‘गौतम बुद्ध नगर में हमारे लगभग 3.60 लाख उपभोक्ता हैं। जबकि सभी नए कनेक्शन वर्तमान में केवाईसी प्रक्रिया के माध्यम से दिए जा रहे हैं, समस्या पुराने कनेक्शनों में उत्पन्न होती है जहां या तो उपभोक्ता का कॉन्टैक्ट नंबर बदल गया है या उसका पता बदल  गया है। उपभोक्ताओं के मोबाइल नंबर में बदलाव के कारण ऐसे उपभोक्ताओं तक बिजली डिस्कॉम की जानकारी नहीं पहुंच रही है। सिस्टम में बिलिंग और अन्य संबंधित मुद्दों को कारगर बनाने के लिए, हमने केवाईसी अभियान शुरू किया है।’

ग्रामीण क्षेत्रों पर फोकस
सिंह का कहना है कि लगभग 85% से 90% बिलिंग ऑनलाइन की जा रही है, लगभग 10-15% उपभोक्ता पर्याप्त विवरण या एड्रेस प्रूफ आदि से संबंधित केवाईसी दस्तावेजों के अभाव में बिजली विभाग के दायरे से बाहर रहते हैं। उन्होंने कहा, ‘शत-प्रतिशत बिलिंग सुनिश्चित करने के अभियान के तहत उपभोक्ताओं को ऑनलाइन बिल भेजने की प्रक्रिया की जा रही है। लेकिन यह तभी संभव है जब उनकी डिटेल हमारे पास हो। केवाईसी में उपभोक्ता का मोबाइल नंबर, व्हाट्सएप नंबर और ई-मेल आईडी शामिल है, हम इन्हें अपडेट कर रहे हैं। इसके लिए शहर के आरडब्ल्यूए की मदद ली जाएगी।’ ग्रामीण क्षेत्रों में एड्रेस प्रूफ के लिए मोबाइल नंबर अपडेट करने और आधार वेरिफिकेशन पर फोकस किया जा रहा है। डाटा अपडेट करने की दैनिक रिपोर्ट भी मुख्य अभियंता कार्यालय को दी जाती है।

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