PM मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट स्वच्छ भारत मुहिम पर अधिकारियों ने लगाया पलीता, स्वच्छता से कोसों दूर है यूपी का यह गांव!

आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) का जन्मदिन है। गांधी जी ने अपने जीवन में हमेशा स्वच्छता को एक अहम हिस्सा माना और लोगों को स्वच्छता बनाए रखने संबंधी शिक्षा दी। गांधी जी का मानना था कि जहां साफ-सफाई होती हैं वहीं पर ईश्वर वास करते हैं।

महात्मा गांधी के स्वच्छ भारत के सपने को पूरा करने के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोेदी (PM Narendra Modi) ने 2 अक्टूबर 2014 को स्वच्छ भारत अभियान (Swachh Bharat Mission) की शुरूआत की और इस अभियान के सफल कार्यान्वयन के लिए प्रधानमंत्री ने सभी लोगों को इस मुहिम से जुड़ने की अपील की। गांधी जयंती (Gandhi Jayanti) को लेकर हर साल जनप्रतिनिधि व अधिकारी सफाई अभियान चलाते हैं। लेकिन इस सब के बावजूद कुछ स्थानीय नेता और अधिकारी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पीएम मोदी की मुहिम पर पलीता लगा लगे रहे हैं। 

आज हम आपको एक ऐसे गांव की तस्वीर दिखाने जा रहे जो गांव आजादी के बाद से स्थानीय नेताओं और अधिकारियों की उपेक्षा का शिकार बना हुआ है। यूपी के जनपद मैनपुरी के विकास खंड घिरोर का गांव नंगला कठेंगरा में कई वर्षाें से गंदगी की समस्या से जूझ रहा है। पूरे गांव में गंदगी व कीचड़ और नालियों में गंदा पानी हने की वजह से लोगों को खासी परेशानी उठानी पड़ रही है। पूरे गांव में गंदा पानी सड़क पर बहने से जगह-जगह कीचड़ का अंबार लगा हुआ है। इलाके के स्थानीय लोग इसी गंदगी और कीचड़ के बीच निकलने को मजबूर हैं। इस समस्या से गांव वालों को काफी दिक्कतें होती हैं। लेकिन इस गांव की समस्या की सुद लेने वाला कोई नहीं। यह गांव ग्राम पंचायत नाहिल कठेंगरा के अंतर्गत आता है।

कठेंगरा गांव जिले का एक ऐसा गांव है जिसकी सड़कें अभी तक कच्ची पड़ी हुई हैं। गांव के लोगों ने कई बार गंदगी की इस समस्या से ग्राम प्रधान सहित ब्लॉक स्तर के अधिकारियों से लेकर जिलाधिकारी तक अपनी गुहार लगाई लेकिन किसी भी अधिकारी ने इनकी समस्या पर अभी तक ध्यान नहीं दिया।   

गांव में गंदगी की वजह से आए दिन लोग बीमार होते रहते हैं। एक ग्रामीण ठीक होता है तो दूसरा बीमार हो जाता है। गांव के लोग इस समस्या से परेशान हो चुके हैं। गांव में सफाई करने वाले सफाईकर्मी का कोई अता-पता नहीं है। ग्राम प्रधान इनकी समस्या सुनने को तैयार नहीं। शिकायत पर ग्राम प्रधान गांव वालों से कहता है कि “गंदगी कहां है, इतनी गंदगी से क्या फर्क पड़ता है”।

इस समस्या पर बात करते हुए एक ग्रामीण ने बताया कि ”हमारा गांव अजादी से लेकर अब तक पिछड़ा हुआ है। सरकार की जितनी भी विकास की योजनाएं आई होंगी लेकिन हमारा गांव इन योजनाओं से कोसों दूर है। प्रधान हमारे गांव नहीं आता है। हम शिकायत करने जाते हैं तो बात नहीं सुनता। दरअसल ग्राम प्रधानों को हमारा वोट भी नहीं चाहिए क्योंकि हमारा गांव छोटा है इसलिए यह गांव किसी प्रधान की हार-जीत तय नहीं करता, यही मुख्य वजह है कि यह गांव वर्षों से पिछड़ा हुआ है”।

एक और गांव वाले ने बताया कि “गांव छोटा होने की वजह से इस गांव में कोई बड़ा नेता या अधिकारी दौरे पर आता है तो प्रधान या ब्लॉक स्तर के अधिकारिधी हमारे गांव का दौरा नहीं कराते। इतनी बड़ी समस्या या बीमारी फैलने के बावजूद पिछले तकीरबन 20 सालों से इस गांव में कोई बड़ा अधिकारी या नेता नहीं आया होगा”।    

गांव के एक वरिष्ठ ग्रामीण जिन्होंने अपनी पूरी जिंदगी इसी गंदगी को देखते हुए गुजार दी, उनका कहना है कि “कई बार शिकायत की जा चुकी है, मगर कोई ध्यान नहीं दिए जाने से हमारे गांव आने वाले मेहमानों को भी गंदगी देख कर हैरानी होती है कि सरकार की स्वच्छता मिशन का किस तरह मजाक बनाया जा रहा है”।

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2 अक्टूबर 2014 को स्वच्छ भारत अभियान चलाया। इस अभियान की शुरुआत देश के हर कोने से की गई। चाहे कोई शहर हो या कोई दूर दराज गांव हर, जगह पीएम मोदी के इस स्वच्छ भारत अभियान को चलाया गया। इतना सब कुछ करने के बाद भी यूपी के जनपद मैनपुरी के विकास खंड घिरोर का गांव नंगला कठेंगरा साफ-सफाई से कोसों दूर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की लाख कोशिशों के बाद भी इस गांव की सड़कों पर गंदगी फैली हुई है। 

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