जननी शिशु सुरक्षा योजना में एक बड़ी लापरवाही देखने को मिली,परिजन गर्भवती महिला को मूंगफली के ठेले में लिटा कर अस्पताल ले गए।  

मूंगफली के ठेले पर जब महिलाये लेबर रूम में बालिका सहित प्रसूता को लेकर आई तो स्टाफ में खलबली मच गई। जिसके बाद नर्सिंग स्टाफ ने प्रसूता को भर्ती कर तुरंत उपचार देना शुरू कर दिया। महिला के पति जीतू कुशवाह ने बताया कि अब माँ और बच्चा दोनों सकुशल हैं।

जननी शिशु सुरक्षा योजना में एक बड़ी लापरवाही देखने को मिली

परिजन गर्भवती महिला को मूंगफली के ठेले में लिटा कर अस्पताल ले गए।  

धौलपुर जिले के बाड़ी कस्बे में जननी शिशु सुरक्षा योजना में एक बड़ी लापरवाही देखने को मिली है। शहर के गुम्मट किला क्षेत्र की रहने वाली महिला मन्नू पत्नी जीतू कुशवाह को देर रात प्रसव पीड़ा हुई। परिजनों ने सरकारी योजना के तहत चलाई जा रही 104 एंबुलेंस को फोन किया। एंबुलेंस स्टाफ ने प्रसूता के घर आने की बात कहकर फोन काट दिया। एक घंटे तक जब एंबुलेंस प्रसूता के पास नहीं पहुंची तो परिजन पास में खड़े मूंगफली के ठेले पर प्रसूता को लेकर अस्पताल के लिए रवाना हो गए। महिलाओं ने मूंगफली बेचने वाली ढकेल में प्रसूता को लिटाया और करीबन 3 किलोमीटर दूर स्थित अस्पताल को लेकर चल दिये जहां रास्ते में प्रसूता ने बालिका को जन्म दे दिया।

मूंगफली के ठेले पर जब महिलाये लेबर रूम में बालिका सहित प्रसूता को लेकर आई तो स्टाफ में खलबली मच गई। जिसके बाद नर्सिंग स्टाफ ने प्रसूता को भर्ती कर तुरंत उपचार देना शुरू कर दिया। महिला के पति जीतू कुशवाह ने बताया कि अब माँ और बच्चा दोनों सकुशल हैं।

लेकिन इस पूरे वाकये ने सरकार की जननी शिशु सुरक्षा योजना को कटघरे में ला खड़ा कर दिया है। आज भी ग्रामीण क्षेत्र में यह योजना पूरी तरह से फलीभूत नहीं हो पा रही है। जिसका उदाहरण बाड़ी कस्बे में देखने को मिला है। सरकारी योजना की बड़ी लापरवाही सामने आने के बाद मामले में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी गोपाल गोयल से बात की गई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी गोपाल गोयल ने मामले की जांच करा कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

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