इस दिन पूजा-पाठ करने से भक्तों को अक्षय पुण्य की होती है प्राप्ति..

हिन्दू धर्म में मौनी अमावस्या तिथि का विशेष महत्व है। इस विशेष दिन पर भगवान विष्णु और सूर्य देव की आराधना के साथ-साथ स्नान-दान का भी महत्व है। इस दिन पूजा-पाठ करने से भक्तों को अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।

21 जनवरी 2023 के दिन मौनी अमावस्या तिथि पड़ रही है। हिंदू धर्म में इस तिथि को बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। इस विशेष दिन पर स्नान, दान और पूजा-पाठ करने से भक्तों को विशेष लाभ मिलता है। मौनी अमावस्या के दिन भगवान विष्णु और प्रत्यक्ष देवता सूर्य देवता की पूजा का विधान है। मान्यता है कि इस दिन स्नान एवं दान करने से भी पुण्य की प्राप्ति होती है और भगवान विष्णु प्रसन्न होकर सुख-समृद्धि का वरदान देते हैं। इस वर्ष मौनी अमावस्या के दिन 30 वर्षों बाद अत्यंत दुर्लभ संयोग का निर्माण हो रहा है। इस दिन धार्मिक कार्य करने से उसका प्रभाव कई गुना अधिक बढ़ जाएगा। इस वर्ष मौनी अमावस्या के दिन राशियों के यथा-स्थिति के कारण सभी राशि के जातकों को बहुत लाभ मिलने वाला है, आइए जानते हैं।

मौनी अमावस्या शुभ संयोग

ज्योतिष विद्वानों के अनुसार मौनी अमावस्या के दिन 30 वर्षों बाद एक अद्भुत संयोग का निर्माण हो रहा है। इस दिन खप्पर योग बन रहा है। जिसमें धार्मिक कार्य और शनि से जुड़े कुछ उपाय को करने से भक्तों को सर्वाधिक लाभ मिलता है। बता दें कि मौनी अमावस्या के ठीक 4 दिन पहले यानी 17 जनवरी 2023 के दिन शनि देव राशि परिवर्तन करेंगे, जिसका प्रभाव सभी राशियों पर पड़ेगा। यह राशि परिवर्तन इसलिए भी विशेष माना जा रहा है, क्योंकि शनिदेव 30 वर्षों बाद कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे।

मौनी अमावस्या स्नान-दान नियम

  • मौनी अमावस्या के दिन व्यक्ति को ब्रह्म मुहूर्त में उठकर पवित्र नदी में स्नान करना चाहिए। इस विशेष दिन पर स्नान आदि करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।
  • इस दिन गंगा नदी में अवश्य स्नान करें। ऐसा यदि नहीं हो पाता है तो नहाने के पानी में कुछ बूंद गंगाजल अवश्य मिला लें। ऐसा करने से पवित्र स्नान के समान ही फल मिलता है।
  • इस विशेष दिन पर साफ वस्त्र पहनें और भगवान सूर्य और श्री हरि के मंत्रों का उच्चारण अवश्य करें। साथ ही इस दिन सूर्य देव को अर्घ्य देना ना भूलें।
  • अमावस्या तिथि के दिन दान का भी विशेष महत्व है। इसलिए इस दिन जरूरतमंदों को तेल

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