बीए और बीएससी के मुख्य विषय को लेकर विश्वविद्यालय के पास पेपर बनाने वाला कोई नहीं,कालेजों से शिक्षकों के बुलवाए नाम

स्नातक प्रथम वर्ष की परीक्षा करवाने को लेकर देवी अहिल्या विश्वविद्यालय ने रूपरेखा बनाई है, लेकिन अभी तक बीए, बीएससी के मुख्य विषय को लेकर विश्वविद्यालय के पास पेपर बनाने वाला कोई नहीं है। इस वजह से अब कालेजों से आस लगाई जा रही है। दस दिनों में विभिन्न संस्थानों में पढ़ा रहे शिक्षकों के नाम बुलवाए है, जिसमें निजी कालेजों को भी अपने-अपने विषय विशेषज्ञों की सूची भेजना है। ताकि इन शिक्षकों से पेपर बनवाना है। इसके चलते बीए और बीएससी की परीक्षाएं नगर निगम चुनाव के बाद जुलाई से शुरू होगी। 

 बीए, बीकाम, बीएससी, बीबीए, बीसीए सहित अन्य यूजी कोर्स की परीक्षाएं जून से अगस्त के बीच करवाई जाएगी। कुलपति डा. रेणु जैन ने अधिकारियों से चर्चा के बाद फैसला लिया है कि बीकाम, बीबीए और बीसीए में पांच से सात मेजर यानी मुख्य विषय है। इनकी परीक्षा जून अंतिम सप्ताह में शुरू की जाए। वैसे बीए और बीएससी की परीक्षा के लिए विद्यार्थियों को थोड़ा इंतजार करना है। ये परीक्षाएं चुनाव बाद रखी जाएगी, क्योंकि बीए और बीएससी पाठ्यक्रम की कालेजों में प्रायोगिक परीक्षाएं नहीं हुई है। यहां तक 20-25 सिर्फ मेजर यानी मुख्य मिलकर 80 विषय है।

मगर अभी तक पेपर तैयार नहीं हुए है, क्योंकि कुछ विषय के एक भी शिक्षक अभी नहीं है। सरकारी और निजी कालेज से शिक्षकों को बुलाकर पेपर बनवाने की रूपरेखा बनाई है। 15 जून तक शिक्षक की सूची मिलने के बाद पेपर तैयार किए जाएंगे। परीक्षा नियंत्रक डा. अशेष तिवारी का कहना है कि जून-अगस्त के बीच प्रथम वर्ष की परीक्षा रखी है। अगले तीन-चार दिन में टाइम टेबल जारी किया जाएगा। 

80 कर्मचारियों की ड्यूटी चुनाव की वजह से विश्वविद्यालय के अधिकांश कर्मचारियों की ड्यूटी प्रशिक्षण में लगी है। गोपनीय, परीक्षा, मूल्यांकन केंद्र सहित कई विभागों के 80 से 100 कर्मचारी को चुनाव ले जुड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। ऐसे में विश्वविद्यालय को परीक्षा करवाना थोड़ा मुश्किल है। कुलपति डा. रेणु जैन ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए है कि चुनाव में परीक्षा करवाना है। इसके चलते किसी भी कर्मचारी, शिक्षक और अधिकारी कार्यों को बदला नहीं जाए। विशेष तौर से मूल्यांकन केंद्र में ओएसडी नहीं बदलने पर जोर दिया है, क्योंकि जल्द ही उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन को लेकर नई व्यवस्था लागू हो सकती है।

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