चीन-ताइवान तनाव के बीच नए अमेरिकी सांसद मार्शा ब्लैकबर्न ने की राष्ट्रपति त्साई इंग वेन से मुलाकात

चीन के साथ बढ़ते तनाव के बीच ताइवान ने अपने बचाव के संकल्प को काफी मजबूत कर लिया है। अमेरिकी नेताओं की हालिया यात्राओं से ताइवान को आत्म बल मिला है।

राष्ट्रपति त्साई इंग वेन ने शुक्रवार को कहा कि चीन द्वारा ताइवान को लेकर अपनाए गए रुख के बीच उन्होंने नए अमेरिकी सांसद से मुलाकात की। अगस्त की शुरुआत में अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की स्पीकर नैंसी पेलोसी ने ताइवान की यात्रा की थी, जिसके बाद चीन ने ताइवान के निकट सैन्य अभ्यास शुरू कर दिया था।

अमेरिकी सांसद फिर पहुंचीं ताइवान

गौरतलब है कि नैंसी पेलोसी की यात्रा के करीब एक सप्ताह बाद पांच अमेरिकी सांसदों का प्रतिनिधिमंडल ने ताइवान की राष्ट्रपति से मुलाकात की थी और इसके बाद अब गुरुवार देर रात को अमेरिकी सांसद मार्शा ब्लैकबर्न ताइपे पहुंचीं। अमेरिकी सांसद ने राष्ट्रपति त्साई इंग वेन से मुलाकात की।

राष्ट्रपति ने हाल ही में हुईं अमेरिकी नेताओं की ताइवान यात्राओं की प्रशंसा की। उन्होंने कहा, ‘हाल के दिनों में, कई अमेरिकी हस्तियों ने ताइवान का दौरा किया है। अमेरिका से मिले इस सहयोग से ताइवान ने खुद को बचाने के दृढ़ संकल्प को मजबूत किया है।’

ताइवान के विचारों को अमेरिकी समर्थन

बता दें कि संयुक्त राज्य अमेरिका का अधिकांश देशों की तरह ताइवान के साथ कोई औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं है, लेकिन कानून द्वारा ताइवान को अपनी रक्षा के लिए साधन प्रदान करने के लिए बाध्य है। अमेरिकी सांसद मार्शा ब्लैकबर्न ने त्साई को बताया कि अमेरिका, ताइवान के साथ स्वतंत्रता और लोकतंत्र के मूल्यों को साझा करते हैं। उन्होंने कहा, ‘यह वास्तव में महत्वपूर्ण है कि स्वतंत्रता-प्रेमी लोग ताइवान का समर्थन करते हैं क्योंकि वे अपनी स्वतंत्रता और अपनी लोकतंत्र को बनाए रखना चाहते हैं।’

अमेरिका-ताइवान सहयोग बढ़ाने पर जोर

त्साई ने कहा कि अमेरिका को अधिक सुरक्षित और आपूर्ति श्रृंखला सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने ताइवान की सेमीकंडक्टर कंपनियों को संयुक्त राज्य में निवेश करते हुए देखकर खुशी जताई।

उन्होंने कहा, ‘हम सेमीकंडक्टर्स और अन्य हाई-टेक क्षेत्रों पर सहयोग को मजबूत करने और महामारी के बाद की आर्थिक चुनौतियों का संयुक्त रूप से जवाब देने के लिए अमेरिका के साथ काम करने के लिए भी तत्पर हैं।’

ताइवान की सरकार का कहना है कि पीपुल्स रिपब्लिक आफ चाइना ने कभी भी द्वीप पर शासन नहीं किया है और इसलिए इस पर दावा करने का कोई अधिकार नहीं है। ताइवान का भविष्य यहां के नागरिक ही तय कर सकते हैं।

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