उत्तराखंड सरकार ने ओमिक्रॉन के खतरे के बीच जारी किए नए दिशानिर्देश, जानिए….

मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधु ने कोरोना संक्रमण बढ़ने से रोकने के लिए जिलाधिकारियों को सख्त कदम उठाने को कहा है। उन्होंने कहा कि यदि मरीज बढ़ रहे हैं तो कंटेनमेंट जोन बनाए जाएं और भीड़ एकत्र होने पर प्रतिबंध लगाया जाए। शादी समारोह और अंत्येष्टि में शामिल होने वालों की संख्या सीमित करने को भी कहा गया है। मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी और ओमीक्रॉन वेरिएंट के खतरे को देखते हुए बचाव एवं सुरक्षा के कड़े उपाय करने के निर्देश दिए।

स्थिति पर नजर रखी जाए व स्थानीय परिस्थितियों को देखते हुए ओमीक्रोन को फैलने से रोकने के लिए कंटेनमेंट जोन बनाने के साथ ही प्रतिबंध लगाए जाएं। सभी जिलाधिकारियों को कंटेनमेंट स्ट्रेटेजी, टेस्टिंग, ट्रैकिंग, आइसोलेशन, सर्विलांस, क्लीनिकल प्रबंधन, टीकाकरण और कोविड अनुकूल व्यवहार का अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया है। कोरोना मरीज बढ़ने पर नाइट कर्फ्यू, भीड़ पर प्रतिबंध के साथ ही कार्यालयों, उद्योगों व सार्वजनिक परिवहन में संख्या सीमित करने जैसे कदम उठाने को भी कहा है। 

उत्तराखंड में ओमीक्रोन वेरिएंट से संक्रमित मरीजों की संख्या में इजाफे को देखते हुए सरकार ने सर्विलांस के नियमों में बदलाव किया है। संक्रमितों की समय रहते पहचान के लिए एक कोरोना पॉजिटिव के संपर्क में आए कम से कम 25 लोगों की आरटीपीसीआर जांच अनिवार्य की गई है। स्वास्थ्य सचिव डॉ. पंकज पांडेय की ओर से सभी मुख्य चिकित्साधिकारियों एवं जिला सर्विलांस अधिकारियों को इसके निर्देश दिए गए हैं। दरअसल राज्य में ओमीक्रोन वेरिएंट से संक्रमित चार मरीजों की पुष्टि हो चुकी है।

जबकि कई सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। सरकार तीसरी लहर को लेकर आशंकित है और इसी को देखते हुए सर्विलांस बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। कोरोना संक्रमण शुरू होने के बाद से ही सरकार संपर्क में आए लोगों की पहचान के लिए सर्विलांस पर जोर दे रही है, लेकिन अभी तक मरीजों में लक्षण दिखने पर ही मरीजों की कोरोना जांच कराई जा रही थी, लेकिन ओमीक्रोन की संक्रमण दर पिछले वेरिएंट से अधिक होने की वजह से इस बार सर्विलांस का दायरा बढ़ाया जा रहा है।

त्रिस्तरीय कमेटी
सरकार ने कोरोना संक्रमितों की पहचान के लिए जिला स्तर पर स्वास्थ्य, पुलिस और प्रशासन की एक त्रिस्तरीय कमेटी गठित करने के लिए भी कहा है जो सर्विलांस के कार्य पर नजर रखेगी। दरअसल बड़ी संख्या में विदेशों से आने वाले लोग प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को जानकारी उपलब्ध नहीं करा रहे हैं। ऐसे में सरकार ने सर्विलांस में पुलिस और प्रशासन का भी सहयोग बढ़ाने का फैसला किया है।

जीनोम सीक्वेंसिंग भी कराएं
स्वास्थ्य सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडेय ने कहा कि सभी जिलों को निर्देश दिए गए हैं कि अधिक से अधिक मरीजों की आरटीपीसीआर जांच कराई जाए और यदि ट्रेवल हिस्ट्री और कांट्रेक्ट हिस्ट्री हो तो सैंपल की जीनोम सीक्वेंसिंग भी कराई जाए। सभी जिलों को सर्विलांस को बढ़ाने के लिए कहा गया है। एक मरीज के संपर्क में आए कम से कम 25 लोगों की जांच करने को कहा गया है।

कोरोना के 44 नए मरीज, 28 ठीक हुए
राज्य में मंगलवार को कोरोना के 44 नए मरीज मिले और 28 इलाज के बाद ठीक हुए हैं। इससे राज्य में एक्टिव मरीजों की संख्या 227 रह गई है। मंगलवार को देहरादून जिले में सबसे अधिक 25 नए संक्रमित मरीज मिले हैं। जबकि नैनीताल में दस, हरिद्वार में तीन, चम्पावत में तीन, चमोली में एक, टिहरी और यूएस नगर जिलों में भी एक एक नया मरीज मिला है। मंगलवार को 14 हजार के करीब सैंपलों की रिपोर्ट आई है जबकि 18 हजार से अधिक सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

twenty + eleven =

Back to top button