कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि 4 सितंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में ‘‘महंगाई पर हल्ला बोल’’ विशाल ऐतिहासिक रैली का होगा आयोजन

 आगामी 4 सितंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में महंगाई पर ‘‘हल्ला बोल’’ विशाल ऐतिहासिक रैली का आयोजन कांग्रेस पार्टी द्वारा किया जा रहा है, जिसको मुख्य रूप से राहुल गांधी  संबोधित करेंगे। यह बातें कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं सोशल मीडिया तथा डिजिटल प्लेटफार्म की चेयरपर्सन सुप्रिया श्रीनेत ने उत्तर प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पर प्रेस को जानकारी देते हुए बताईं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी विपक्ष में रह कर बहुत बड़ी बड़ी बात करते थे।

लखनऊ (आरएनएस)

आज उन्होंने ही जनता को महंगाई के बोझ तले दबा दिया है। देश में 83 प्रतिशत लोगों की आय घट गयी है, तब देश को महंगाई तले रौंदा जा रहा है और यह महंगाई पेट्रोल, डीजल तक ही सीमित नहीं है। आटे, दाल, चावल, दूध, दही, लस्सी के दामों में भी आग लगी है। सरकार की वित्त मंत्री कहती है न हम दही पीते है और न ही प्याज, लहसुन खाते है। सरकार के इस गैर जिम्मेदाराना बयान से पूरी जनता भुगत रही है। सरकार कोरोना के पीछे नहीं छुप सकती। देश की अर्थव्यवस्था कोरोना काल के पहले नोटबंदी और जीएसटी के चलते खराब होने लगी थी। वर्ष 2016 तक ग्रोथ रेट गिरकर 4.1 हो चुका था। मनमोहन सिंह जी की सरकार में 27 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकाला गया था, जो इस समय 23 करोड़ लोग गरीबी रेखा से नीचे चले गये।  सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि पिछले आठ वर्षों में मोदी सरकार का रिकॉर्ड सच्चाई को उजागर करता है। एलपीजी 2014 में 410 प्रति सिलेंडर का होता था अब 2022 में 1,053-1,240 रुपये प्रति सिलेंडर हो गया है। 156 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। पेट्रोल 2014 में 71 रुपये प्रति लीटर अब 2022 में 95-112 रुपये प्रति लीटर हो गया है, यह 40 प्रतिशत की वृद्धि है। डीजल 2014 में 55 रुपये प्रति लीटर अब 2022 में 90-100 रुपए प्रति लीटर है, यह 75 प्रतिशत की वृद्धि है। सरसों का तेल 2014 में 90 रुपये प्रति किलो अब 2022 में 200 रुपए प्रति किलो है, यह 122 प्रतिशत की वृद्धि है। गेहूं का आटा 2014 में 22 रुपये प्रति किलो अब 2022 में 35-40 रुपए प्रति किलो है, यह 81 प्रतिशत की वृद्धि है।  दूध 2014 में 35 रुपये प्रति लीटर अब 2022 में 60 रुपए प्रति लीटर है, यह 71 प्रतिशत की वृद्धि है। आटा, दाल, चावल, लस्सी, दही सब महंगा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  ने 2019 में मतदाताओं के सामने इस बात का दंभ भरा था कि खाद्यान्न, दही, लस्सी औरछाछ जैसी आवश्यक वस्तुओं को जीएसटी के दायरे से बाहर रखा गया है लेकिन 2022 में उन्होंने उन्हीं वस्तुओं पर जीएसटी लगा दी और हर बार की तरह जब पकड़े गए तो ठीकरा राज्य सरकारों के सिर परफोड़ दिया। आपकी जानकारी के लिए 2 बातें बताना जरूरी है। पहले निर्मला सीतारमण ने साफ झूठ बोला राजस्थान और छत्तीसगढ़ की सरकारों ने लिखित में जीएसटी काउन्सिल की बैठक में टैक्स लगाने का विरोध किया था। दूसरा, जीएसटी काउन्सिल में केंद्र सरकार के पास 33 प्रतिशत वोट होता है और प्रत्येक राज्य के पासमात्र 2 प्रतिशत तो किसी भी राज्य को टैक्स के निर्णय का विरोध करने के लिए या तो केंद्र सरकार नहीं तो 25 राज्य सरकारों का साथ चाहिए होता है। पर 25 में से 19 तो भाजपा शासित हैं। तो एक बात साफ है- दाम बढ़ाने का निर्णय भाजपा सरकारों और केंद्र सरकार के कारण हुआ है। हम मांग करते हैं कि सरकार महंगाई पर अंकुश लगाने और रोजगार पैदा करने के अपने वादे को बिना विलम्ब के पूरा करे। प्रेसवार्ता में पूर्व मंत्री तथा उत्तर प्रदेश कांग्रेस मीडिया एवं कम्यूनिकेशन विभाग के चेयरमैन नसीमुद्दीन सिद्दीकी, पूर्व विधायक सतीश अजमानी, महासचिव दिनेश सिंह, संगठन सचिव अनिल यादव, मीडिया संयोजक अशोक सिंह, ललन कुमार, अंशू अवस्थी, प्रवक्ता कृष्णकांत पाण्डेय, पंकज तिवारी, संजय सिंह, सचिन रावत, प्रियंका गुप्ता, आस्था तिवारी, प्रज्ञा सिंह, राकेश पाण्डेय आदि मौजूद रहे।

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