जानिए क्या अमेरिकी नागरिक ब‍िना लाइसेंस के रख सकते हैं बंदूक

अमेरिका में एक फायरिंग में पांच लोगों की मौत हो गई है। ऐसे में सवाल उठता है कि अमेरिका में यह गन कल्‍चर कितना पुराना है। इन गनकल्‍चर के चलते कितनी लोगों की जानें गईं हैं। क्‍या इसे रोकने के लिए कोई कानून है।

अमेरिका के उत्‍तर कैरोलिना में एक बार फ‍िर गोलीबारी की वारदात सामने आई है। इस फायरिंग में पांच लोगों की मौत हो गई है। इसी वर्ष अमेरिका में चार जुलाई के फ्रीडम डे परेड के दौरान गोलीबारी में कम से कम छह लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना में करीब 30 लोग घायल हुए थे। अमेरिका में गोलीबारी की घटना आम है। यह अमेरिकी सरकार और स्‍थानीय प्रशासन के लिए चिंता का विषय है। ऐसे में सवाल उठता है कि अमेरिका में यह गन कल्‍चर कितना पुराना है। इन गनकल्‍चर के चलते कितनी लोगों की जानें गईं हैं। अमेरिका में गन कल्‍चर की शुरुआत कब हुई। क्‍या इसे रोकने के लिए कोई कानून है।

अमेरिका में वहां का संविधान अपने नागरिकों को बंदूक या गन रखने का पूरा हक देता है। अमेरिका में बंदूक रखने के लिए लाइसेंस की जरूरत नहीं होती है। आम नगारिकों के लिए यह बहुत आसानी से सुलभ है। अमेरिकी नाग किसी भी दुकान में अपनी मनपंसद गन खरीद सकते हैं, जबकि भारत में बिना लाइसेंस के बंदूक रखना एक संगीन जुर्म है। इस मामले में अगर भारत से अमेरिका की तुलना की जाए तो देश में लाइसेंस की प्रक्रिया काफी जटिल है।

अमेरिका में गन कल्‍चर का इतिहास  काफी पुराना

हालांकि, 19वीं शताब्‍दी तक अमेरिका को यह समझ में आ गया था कि देश में बंदूक कल्‍चर कभी शांति स्‍थापित नहीं होने देगा। अमेरिका में मजबूत गन लाबी के चलते कभी इस संस्‍कृति के खिलाफ कोई कानून नहीं बन सका। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका में औसतन सौ लोग रोज मारे जाते हैं। बता दें कि अमेरिका में गन रखने की संस्‍कृति बहुत पुरानी है। अमेरिका में बंदूक संस्‍कृति उस जमाने से है, जब ब्रिट‍िश सरकार का राज हुआ करता था। उस वक्‍त अमेरिका में कोई सुरक्षा एजेंसी नहीं थी। अमेरिकी को अपनी और परिवार की सुरक्षा खुद करनी होती थी। ऐसे में अमेरिकी लोगों को हथ‍ियार रखने की आजादी मिली।

अमेरिका के दूसरे संशोधन से मिला नागरिकों को गन रखने का हक

वर्ष 1791 में अमेरिकी संविधान के दूसरे संविधान संशोधन के तहत अमेरिकी नागरिकों को हथ‍ियार रखने का हक दिया गया था। हालांकि, अमेरिका में दशकों तक गन कल्‍चर से लाखों लोगों ने अपनी जान गंवाई हैं। अमेरिकी संसद चाहकर भी इस कानून में संशोधन नहीं कर सकी है। खास बात यह है कि अमेरिका की ज‍िस ससंद से यह उम्‍मीद करते हैं कि वह गन कल्‍चर के खिलाफ कानून बनाएगी, वहीं संसद से कुछ मीटर की दूरी पर गन की कई बड़ी-बड़ी दुकानें हैं। इन दुकानों पर अमेरिकी नागरिक अपनी पंसद के हथ‍ियार खरीद सकते हैं।

अमेरिका में 63 हजार से ज्‍यादा लाइसेंस गन डीलर

अमेरिका में वर्ष 2019 की एक र‍िपोर्ट चौंकाने वाली है। इस रिपोर्ट के मुताबिक संयुक्‍त राज्‍य अमेरिका में 63 हजार से ज्‍यादा लाइसेंस गन डीलर है। इन डीलरों ने करीब 80 हजार करोड़ रूपये से अधिक की बंदूके बेची हैं। इससे इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि अमेरिका में गन कल्‍चर कितना लोकप्रिय है। कई अमेरिकी राष्‍ट्रपतियों ने भी इस गन कल्‍चर को खूब बढ़ावा दिया तो कुछ पूर्व राष्‍ट्रपतियों ने गन कल्‍चर के खिलाफ आवाज भी उठाई है। 

अमेरिका के गन कल्‍चर पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला

अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट ने गन कल्चर पर बड़ा फैसला सुनाया था। अमेरिकी शीर्ष अदालत ने कहा कि घर के बाहर गन लेकर चलना लोगों का संवैधानिक हक है। इसे किसी भी कानून से इसे सीमित नहीं किया जा सकता है। कोर्ट ने कहा कि घर के बाहर सड़कों या अन्य सार्वजनिक जगहों पर हथियार लेकर चलना लोगों का संवैधानिक अधिकार है। अदालत ने कहा कि अगर अमेरिकी सरकार इस अधिकार को सीमित करने का प्रयास करती है तो यह संविधान के 14वें संशोधन का उल्लंघन होगा। सुप्रीम कोर्ट ने न्यूयार्क प्रांत की ओर से गन कल्चर को कंट्रोल करने के लिए बनाए गए एक कानून को भी रद कर दिया। अदालत का यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब टेक्सास, न्यूयार्क और कैलिफोर्निया में हाल ही में मास शूटिंग की कई घटनाएं हुई हैं। इन घटनाओं में दर्जनों निर्दोष लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है।

गन कल्‍चर रोकने के लिए न्‍यूयार्क प्रांत का नया कानून

गौरतलब है कि इस वर्ष न्यूयार्क प्रांत में गन कल्चर को रोकने के लिए एक कानून बनाया था। इस कानून के मुताबिक घर से बाहर हथियार ले जाने पर पुलिस को इसका कारण बताना जरूरी होगा। कारण नहीं बताने पर पुलिस उस हथियार को जब्त कर सकती थी। इस कानून के चलते न्यूयार्क में हथियारों की बिक्री में तेजी से गिरावट देखी गई। इसके बाद न्यूयार्क स्टेट राइफल एंड पिस्टल एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर इस कानून को खारिज करवाने की मांग की थी।

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