जानिए कैसे उड़नतश्तरियों के रहस्य से उठेगा पर्दा , एलियंस की गुत्थियों को ऐसे सुलझाएंगे नासा और पेंटागन

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने हाल ही में पुष्टि की है कि वह अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन के एक स्पेशल टास्क फोर्स के साथ मिलकर यूएफओ (आकाश में उड़ती अज्ञात वस्तु या उड़नतश्तरी) और एलियंस की गुत्थियों को सुलझाने का प्रयास करेगा। नासा इस सामूहिक प्रयास के तहत सबसे पहले उन प्रत्यक्षदर्शियों से संवाद करेगा, जिन्होंने सबसे पहले यूएफओ को देखने का दावा किया था और उसके बाद खगोल विज्ञानियों के साथ मिलकर अलग-अलग घटनाओं के वक्त के पुरानी वीडियो की गहराई से जांच-पड़ताल करेगा। ऐसे में अगर नासा के हाथ कुछ भी नई जानकारी लगती है, तो वह पेंटागन के स्पेशल टास्क फोर्स ‘एयरबोर्न आब्जेक्ट आइडेंटिफिकेशन एंड मैनेजमेंट सिंक्रोनाइजेशन ग्रुप’ के साथ साझा करेगा।

मानव कल्पना से परे किसी अन्य ग्रह पर जीवन की मौजूदगी की संभावना को नकारा नहीं जा सकता। खगोल विज्ञानी भी मानते हैं कि ब्रह्मांड के सुदूर कोनों में पृथ्वी से विकसित सभ्यताओं की मौजूदगी की संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता है। यह भी हो सकता है कि किसी ग्रह पर जीवन अपनी प्रारंभिक अवस्था में हो, जहां अभी विकास की प्रक्रिया चल रही होगी।

आए दिन यूएफओ के दिखाई देने के दावों के समाचार सामने आते रहते हैं। हालीवुड फिल्मों में भी एलियन एक प्रमुख पहलू के रूप में मिल ही जाते हैं, इन फिल्मों में अक्सर उन्हें ऐसे खलनायकों के रूप मे पेश किया जाता है, जिनका उद्देश्य पृथ्वी के प्राकृतिक संसाधनों का उपभोग करना या इंसान को अपनी गुलाम जाति के रूप में इस्तेमाल करना है।

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हालीवुड फिल्मों से अलग दुनियाभर में लाखों लोग यह मानते हैं कि वास्तव में एलियंस उड़नतश्तरियों से पृथ्वी पर आते रहते हैं। हालांकि, यह पुष्ट नहीं कि यूएफओ के जरिये सच में एलियंस धरती पर आते हैं या नहीं। सामान्यत: विज्ञानी यूएफओ दिखने के दावों पर यकीन नहीं करते और तारों के बीच की विशाल दूरी के मद्देनजर उन्हें खारिज कर देते हैं। यूएफओ दिखने की घटनाएं बीती सदी के मध्य से ही सामने आती रही हैं। करीब सात दशक बीत गए मगर यूएफओ संबंधी मामलों में कुछ खास प्रगति नहीं हुई है। या फिर अभी तक इसका विधिवत रहस्य सुलझ नहीं पाया है।

वैसे भी ज्यादातर विज्ञानी मानते हैं कि कुछ खास प्राकृतिक घटनाओं मसलन उल्का पिंडों के टूटने, तड़ित युक्त तूफान, असाधारण वातावरण आदि के कारण यूएफओ दिखाई देने की घटनाएं होती हैं। कुछ मानव निर्मित वस्तुएं भी यूएफओ का भ्रम पैदा करती हैं। कम से कम 95 प्रतिशत यूएफओ दिखाई देने की घटनाओं को उक्त कारणों में से किसी एक की वजह से खारिज किया जा सकता है, लेकिन पांच प्रतिशत घटनाएं आज भी रहस्य बनी हुई हैं, जिन्हें सुलझाने के लिए नासा और पेंटागन ने हाथ मिलाया है।

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