जानिए कितने जीबी रैम वाला स्मार्टफोन होता है बेस्ट,पढ़ें पूरी खबर

स्मार्टफोन कंपनियों की तरफ से ऐसा माहौल तैयार कर दिया गया है कि ज्यादा अच्छा वही स्मार्टफोन होता है, जिसमें ज्यादा रैम मौजूद होती है। लेकिन ऐसा नहीं है। एक अच्छे स्मार्टफोन के लिए ज्यादा रैम के साथ कुछ अन्य बातों का भी ख्याल रखना चाहिए। रैम किसी भी स्मार्टफोन का जरुरी हिस्सा होता है। लेकिन ऐसा नहीं है कि रैम ही सबकुछ होता है। आइए जानते इसके बारे में पूरी डिटेल

क्या होती है रैम

RAM को Random Access Memory कहा जाता है। किसी भी स्मार्टफोन में दो तरह के स्टोरेज दिये जाते हैं, एक RAM और दूसरी ROM. जहां ROM में आपके फोटो, वीडियो से लेकर सभी ऐप्स स्टोर होते हैं। इसी स्टोरेज ऐप्स, फोटो, वीडियो और गेमिंग को रैम पर रन किया जाता है। फोन में किसी भी चीज को रन कराने के लिए रैम की जरुरत होती है। अगर आप चाहते हैं, कि फोन का कोई भी ऐप स्मूथ रन करे, तो उसके लिए जरूरी है कि फोन में ज्यादा रैम होनी चाहिए। उदाहरण के तौर पर अगर आप मल्टी टॉस्टिंग करते हैं, मतलब एक वक्त में स्मार्टफोन पर गेम खेलते हुए, म्यूजिक सुनते हैं और नोटिफिकेशन पर आये WhatsApp मैसेज का जवाब भी देना चाहते हैं, तो ज्यादा रैम की जरूरत होगी। अगर कम रैम हैं, तो यह काम स्लो सकते हैं, या फिर फोन में हैग होने की दिक्कत आ सकती है।

कितनी GB रैम सही

स्मार्टफोन में कितने GB रैम होना चाहिए, इसका सटीक जवाब नहीं दिया जा सकता है, क्योंकि हर स्मार्टफोन यूजर की अलग जरूरत होती है। जैसे ज्यादा हैवी गेमिंग के शौकीन हैं, तो ज्यादा 8 से 12 GB का स्मार्टफोन लेना बेहतर माना जाता है। वही औसत स्मार्टफोन यूजर के लिए 6GB रैम पर्याप्त होती है। साथ ही अगर आप स्मार्टफोन में गेम खेलना नहीं पसंद करते हैं और केवल सीमित दायरे में Whatsapp, Facebook जैसे चुनिंदा ऐप्स का इस्तेमाल करते हैं, तो आपके लिए 4GB रैम भी काफी होती है।

ज्यादा रैम से ज्यादा स्पीड नहीं

स्मार्टफोन की स्पीड कई चीजों पर निर्भर करती है। ऐसे में स्मार्टफोन में ज्यादा GB रैम होने से ही स्मार्टफोन फास्ट नहीं हो जाएगा। इसके लिए फोन में आला दर्जे का प्रोसेसर, लेटेस्ट ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ ज्यादा रिफ्रेश रेट और टच सैंपलिंग रेट वाला डिस्प्ले होना चाहिए। जैसै Apple iPhone कम रैम सपोर्ट के साथ भी अच्छे प्रोसेसर की वजह से ज्यादा बेहतर परफॉर्मेंस देता है।

क्या है वर्चुअल रैम

वर्चुअल रैम के कॉन्सेप्ट को हाल ही में पेश किया गया है। दरअसल वर्चुअल रैम को आपके स्टोरेज ROM से ही अलग करके वर्चुअल रैम बना दिया जाता है। मतलब अगर आपको स्मार्टफोन में ज्यादा रैम की जरूरत होती है, तो फोन स्टोरेज के स्पेस को कम करते रैम में जोड़ देता है।

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