केजरीवाल सरकार के इशारे पर यमुना में डालने के लिए लाए गए 50 हजार लीटर केमिकल : भाजपा

पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और सांसद मनोज तिवारी केजरीवाल सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले 8 सालों से जिस प्रदूषण का खात्मा करने के लिए सरकार जोर शोर से विज्ञापन कर रही है दरअसल वह सिर्फ दिखावा है क्योंकि प्रदूषण इनके लिए कोई मुद्दा ही नहीं है। 2013 से केजरीवाल सरकार यह दावा करती आ रही है कि वह पांच सालों में यमुना की सफाई कराकर सबको डुबकी लगवाएंगी लेकिन आज 2022 खत्म होने को है और इन आठ सालों में यमुना बद से बदतर हो गई है। 

राष्ट्रीय (आरएनएस)

 केजरीवाल प्रदूषण की गम्भीरता को समझते तो महापर्व छठ पूजा के समय वह यमुना किनारे होते ना कि सिर्फ झूठे वायदों के आधार पर अपना प्रचार कर रहे होते। मनोज तिवारी ने आज भाजपा सांसद प्रवेश साहिब सिंह और भाजपा के वरिष्ठ नेता मनजिंदर सिंह सिरसा सहित अन्य पदाधिकारियों के साथ केजरीवाल के यमुना सफाई के दावों की पड़ताल करने जब ग्राउंड पर पहुँचे तो वहां अमोनिया फास्फोरस का सफेद झाग तैरता हुआ दिखाई दिया जो कि केजरीवाल सरकार के दावों की पोल खोल रहा था। तिवारी ने कहा कि अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए केजरीवाल सरकार द्वारा यमुना के झाग को छुपाने के लिए जहरीले केमिकल का प्रयोग किया जा रहा है ताकि झाग को छिपाया जा सके। प्रेसवार्ता में प्रदेश मीडिया सह प्रमुख हरिहर रघुवंशी, अजय सहरावत और श्री नीलकांत बक्शी भी उपस्थित थे। मनोज तिवारी ने कहा कि लगभग 50000 लीटर जहरीला केमिकल हमने जब्त किया है और पुलिस को इस बारे में शिकायत भी दर्ज करा दी गयी है। केमिकल डालने वालों में जलबोर्ड के अधिकारी और केजरीवाल के अपने लोग थे जिसकी जानकारी वहाँ खड़े लोगों ने दी। उन्होंने कहा कि मीडिया को झाग न दिखे इसके लिए केमिकल का इस्तेमाल केजरीवाल सरकार द्वारा कराया जा रहा है। केजरीवाल को जब 8 सालों बाद यमुना प्रदूषण की याद आई है तो वह नेचुरल लैंडफिल साइट में गए है ताकि उनकी नाकामियों को ना देखा जा सके। लेकिन जीवन देने का वायदा करके केजरीवाल आज दिल्लीवालों को मौत के मुँह में धकेलने का काम किया है। प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि अरविंद केजरीवाल का हर साल एक वीडियो वायरल होता है जिसमें वे कहते हैं कि अगले पांच सालों में यमुना साफ कर दूंगा और आपसब के साथ जाकर उसमें मैं खुद डुबकी लगाऊंगा। लेकिन ये बातें 2013 से चली आ रही है और अभी तक वे कुछ भी नहीं कर पाए हैं। उन्होंने कहा कि छठ महापर्व के आने से केजरीवाल को पता था कि उनका यमुना सफाई के दावे की पोल  एक बार फिर से सबके सामने खुल जाएगी इसलिए उन्होंने लैंडफिल साइट का मुद्दा उठा दिया जबकि एमसीडी ने लगातार उसपर काम कर 60 फिट नीचे करने का अभूतपूर्व कार्य किया है। प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि पिछले पांच सालों में एमसीडी ने 200 से अधिक कंपेक्टर लगाकर कूड़े के ढलाव को कम करने का काम किया है लेकिन एमसीडी को उसके लिए बधाई देने की जगह केजरीवाल अपनी राजनीति चमकाने का मौका ढूंढ रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज लैंडफिल साइट जाकर केजरीवाल यमुना सफाई के अपने दावे की हकीकत सबके सामने ना आ जाये इसलिए इस मुद्दे को डाइवर्ट करने का प्रयास किया गया। मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि हर साल यमुना की सफाई का वायदा करके मुकरने वाले केजरीवाल अपनी राजनीतिक चमक में इतने व्यस्त हैं कि वे छठ पूजा जैसे आस्था से जुड़े पर्व में दिल्ली की लाखों माताएं-बहनों को जहरीले पानी मे डुबकी लगाने को मजबूर करते हैं। उन्होंने कहा कि जब जब चुनाव आते हैं केजरीवाल को यमुना सफाई और प्रदूषण याद आने लगता है लेकिन उसके लिए क्या किया और कौन सी ठोस कदम उठाए हैं, इसकी पूरी कहानी मां यमुना के ऊपर सफेद झागों के बिछे चादर बयान कर रहे है।

Tags : #PoliticsNews #Politics #DelhiPressConference #BJP #ManojTiwari #KejariwalGovernment #YamunaRiver #Hindinews

Rashtriya News 

Related Articles

Back to top button